दुमका । एस.पी. कॉलेज सहित संताल परगना के तमाम महाविद्यालयों में स्नातक सीटों में की गई भारी कटौती के खिलाफ छात्र समन्वय समिति ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को छात्र नेता डॉ. श्याम देव हेंब्रम की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने प्राचार्य के माध्यम से कुलपति को ज्ञापन सौंपकर इस जनविरोधी फैसले को तुरंत वापस लेने की पुरजोर मांग की। समिति ने साफ कहा है कि विश्वविद्यालय का यह आदेश गरीब, आदिवासी और ग्रामीण छात्रों के उच्च शिक्षा के अधिकार पर सीधा कुठाराघात है।
विश्वविद्यालय के नए फरमान के मुताबिक अकेले एस.पी. कॉलेज दुमका की स्नातक सीटों को 5570 से घटाकर महज 2820 कर दिया गया है। समिति के नेताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि संताल परगना के अधिकांश परिवार खेती और मजदूरी पर आश्रित हैं। सरकारी कॉलेजों में सीटें आधी होने से हजारों योग्य छात्र नामांकन से वंचित रह जाएंगे, क्योंकि उनके पास निजी संस्थानों की महंगी फीस भरने की क्षमता नहीं है। सौंपे गए ज्ञापन में पूर्व की सभी सीटें बहाल करने, इस सत्र में सभी योग्य छात्र-छात्राओं को नामांकन का अवसर देने और भविष्य में छात्रों को विश्वास में लिए बिना ऐसा कोई भी निर्णय न लेने की मांग की गई है।
प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति को चेतावनी दी है कि यदि अगले पांच दिनों के भीतर इस कटौती को वापस नहीं लिया गया, तो छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और जनप्रतिनिधियों को एकजुट कर पूरे संताल परगना में लोकतांत्रिक तरीके से एक व्यापक और उग्र आंदोलन शुरू किया जाएगा। इस मौके पर राजीव बास्की, सोल हांसदा, शंभू कुमार, सुलिश सोरेन, भीमसेंट सोरेन, बिमल कुमार टुडू, अमानुवेल हेंब्रम, रफाएल हेंब्रम, सुशील मुर्मू, अंकित हेंब्रम और नरेश मुर्मू सहित कई छात्र प्रतिनिधि उपस्थित थे।


