मुंबई । भारत के ऑनलाइन फूड डिलीवरी बाजार में जुलाई 2026 के अंतिम सप्ताह में एक बड़ा बदलाव आया है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली ई-कॉमर्स दिग्गज फ्लिपकार्ट ने क्षेत्र में प्रवेश की घोषणा कर मौजूदा खिलाड़ियों स्विगी और जोमैटो की मूल कंपनी इटरनल के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इस घोषणा के बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई, जो बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा की आशंका को दिखाता है।
फ्लिपकार्ट ने अगले कुछ हफ्तों में बेंगलुरु में पायलट प्रोजेक्ट के साथ अपनी ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेवा शुरू करने की योजना बनाई है। इस कदम से निवेशकों में आशंका पैदा हो गई है कि अब तक इस क्षेत्र में मजबूत पकड़ रखने वाली कंपनियों को भविष्य में कीमतों और कमीशन को लेकर कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। फ्लिपकार्ट जैसी बड़ी पूंजी और तकनीकी क्षमता वाली कंपनी के आगमन से बाजार में डिस्काउंट और कमीशन वॉर तेज होने की उम्मीद है।
फ्लिपकार्ट की घोषणा के बाद स्विगी के शेयरों में इंट्राडे कारोबार के दौरान करीब 7 प्रतिशत की गिरावट आई। हालांकि, इस गिरावट की एक वजह निवेशकों की मुनाफावसूली भी रही। इसके अतिरिक्त, स्विगी द्वारा विदेशी शेयरधारिता की सीमा को 49.5 प्रतिशत तक सीमित करने के प्रस्ताव ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ाई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से कंपनी कुछ विदेशी सूचकांकों से बाहर हो सकती है, जिससे विदेशी निवेश में निकासी का जोखिम बढ़ सकता है।
जोमैटो की मूल कंपनी इटरनल पर भी फ्लिपकार्ट की संभावित एंट्री का असर दिखा, और उसके शेयरों में कारोबार के दौरान तीन प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज हुई। निवेशकों का मानना है कि पूंजी और तकनीकी क्षमता से लैस फ्लिपकार्ट के बाजार में उतरने से मौजूदा कंपनियों के लिए ग्राहकों को बनाए रखना और अपनी बाजार हिस्सेदारी को सुरक्षित रखना अधिक चुनौतीपूर्ण होगा।


