मुंबई । अडानी ग्रुप ने भले ही तत्काल एयरलाइन शुरू करने की खबरों से इनकार किया हो, लेकिन उसकी एयरपोर्ट कंपनी अडानी एयरपोर्ट होल्डिंग्स (एएएचएल) ने विमानन क्षेत्र के नियमों में बदलाव की मांग की है। कंपनी ने भविष्य की एयरलाइन के विकास में अपनी अहम भूमिका का संकेत देते हुए एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) से नियमों में ढील देने का अनुरोध किया है। अडानी एयरपोर्ट्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने जून में एएआई को लिखे पत्र में कहा कि ग्रुप की इकाई अडानी डिफेंस एंड एयरोस्पेस एयरलाइन कारोबार में उतरने पर विचार कर रही थी। पत्र में कहा गया कि ग्रुप के पास पायलट प्रशिक्षण, रखरखाव, ग्राउंड हैंडलिंग और 8 हवाई अड्डों का नेटवर्क है, जिससे वह एविएशन सेक्टर को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने मौजूदा नियमों में बदलाव की वकालत करते हुए तर्क दिया कि भारत के विमानन बाजार में कुछ बड़ी एयरलाइनों का दबदबा है, जिससे प्रतिस्पर्धा सीमित हो रही है। उन्होंने टियर-2 और टियर-3 शहरों की बेहतर कनेक्टिविटी के लिए नई एयरलाइन की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने इंडिगो के पिछले ऑपरेशनल संकट का भी उल्लेख करते हुए कहा कि मजबूत वित्तीय क्षमता वाली नई एयरलाइनों के आने से सेक्टर अधिक प्रतिस्पर्धी और संतुलित बन सकता है। हालांकि, अडानी एंटरप्राइजेज ने शेयर बाजार को दी जानकारी में स्पष्ट किया कि फिलहाल ग्रुप की एयरलाइन शुरू करने की कोई योजना नहीं है।
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