मुरादाबाद की महिला की गुमशुदगी मामले में सनसनीखेज खुलासा
मुरादाबाद,। यूपी के मुरादाबाद में 23 साल की महिला अदीला रहमान की गुमशुदगी मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। अदीला 25 जून को अपने परिवार को यह बताकर घर से निकली थी कि वह हैदराबाद की उस्मानिया यूनिवर्सिटी में एलएलबी सेकेंड इयर की परीक्षा देने जा रही है। इसके बाद से वह लापता थी। खुलासा हुआ है कि अदीला की उसके ही पति ने 29 जून को थार के अंदर गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह थार अदीला ने ही अपने पति को गिफ्ट में दी थी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कोहिनूर तिराहा निवासी कारोबारी की बेटी अदीला रहमान हैदराबाद में लॉ की पढ़ाई कर रही थी। 25 जून को वह परीक्षा देने की बात कहकर घर से निकली थी। 29 जून को दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचने के बाद उसका मोबाइल अचानक बंद हो गया। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बाद जब कोई सुराग नहीं मिला, तो उसकी मां ने 18 जुलाई को कटघर थाने में देवापुर निवासी गुलफाम अली और उसके भाई कुरबान अली के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कराया था। जांच में पुलिस को पता चला कि आरोपी गुलफाम अली रामपुर के गंज थाने में दर्ज जानलेवा हमले के एक साल पुराने मामले में कोर्ट में सरेंडर कर जेल चला गया है। एसपी सिटी ने बताया कि बुधवार को अदालत से इजाजत मिलने के बाद पुलिस टीम रामपुर जेल पहुंची और आरोपी से कड़ाई से पूछताछ की। पुलिस पूछताछ में गुलफाम ने खुलासा किया कि उसने इस साल अप्रैल में अजमेर शरीफ में अदीला से निकाह किया था। दोनों नोएडा में किराये के फ्लैट में रह रहे थे। अदीला रहमान ही उसके तमाम खर्चों का इंतजाम करती थी और उसने गुलफाम को एक थार कार भी दी थी। पुलिस के मुताबिक, अदीला चाहती थी कि गुलफाम अपने परिवार से रिश्ते खत्म कर ले, इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 29 जून को इसी बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। गुलफाम ने पुलिस को बताया कि 30 जून को अदीला दिल्ली से मुरादाबाद के लिए निकली थी। वह थार कार लेकर उसे लेने जोया पहुंचा। कार में फिर से दोनों के बीच कहासुनी हो गई। गुस्से में आकर गुलफाम ने दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर पुराने टोल के पास तमंचे से अदीला की कनपटी पर गोली मार दी। शव को कार से रुड़की क्षेत्र ले गया और नहर में फेंक दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद वह रामपुर पहुंचा और पुलिस से बचने के लिए पुराने मामले में सरेंडर कर जेल चला गया। 4 जुलाई को पुलिस ने नहर से एक अज्ञात युवती का शव बरामद किया था। तत्कालीन समय में रुड़की पुलिस ने शव की पहचान कराने का काफी प्रयास किया, लेकिन 72 घंटे तक कोई सुराग न मिलने पर नियमानुसार शव का लावारिस के रूप में अंतिम संस्कार करा दिया गया।


