अंतरराष्ट्रीय मूलवासी व आदिवासी दिवस पर विशेष रिपोर्ट एस.के. झा. सुमन दुमका। दुनियाभर में रहने वाले आदिवासी समुदाय के लोगों की संस्कृति, भाषा और अस्तित्व को बचाने के लिए हर साल 9 अगस्त को अंतरराष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाया जाता है। बता दें कि दुनिया में कुल आदिवासियों की संख्या करीब 37 करोड़ है। भारत समेत दुनिया के कई देशों में आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं। आदिवासी समुदाय के लोग आज भी समाज की मुख्यधारा में शामिल नहीं हुए हैं, जिसके चलते ये आज भी काफी पिछड़े हुए हैं। हालांकि विभिन्न सरकारों और संगठनों द्वारा आदिवासियों के उत्थान के प्रयास…
Author: Santal Express
डॉ शर्मिला सोरेन सहायक प्रोफेसर,संताली विभाग, सिदो-कानू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका। आदिवासियों में कई उपजातियां हैं और सभी जाति के अलग-अलग भाषा संस्कृति है । जीवन जीने के तौर -तरीके भी अलग है। कई आदिवासी खेती पर निर्भर है तो कई जातीय हुनर पर जीविकोपार्जन करते हैं लेकिन इनमें से एक सामान्य यह है की प्राय: सभी आदिवासी प्रकृति पर ही निर्भर होकर जीवन यापन करते हैं। भारतीय संविधान में इन्हें अनुसूचित जनजाति के सूची में रखा गया है। आजादी से पहले आदिवासियों ने बड़े-बड़े आंदोलन किया और अंग्रेजों के दांत खट्टे किए थे। लेकिन आजादी के बाद से ही आदिवासियों…
डॉ होलिका कुमारी मरांडी, सहायक अध्यापक, संथाली विभाग, संताल परगना महाविद्यालय दुमका। बात जब भी आदिवासी समाज की आती है, तब उसके मस्तिष्क पटल पर एक विशिष्ट परंपरा और संस्कृति की छाप दृष्टिगोचर होता है। चुकी आदिवासी मूलत: प्रकृति- प्रेमी होते हैं। प्रकृति की शांत और निश्छल गोद में पलने वाले इस समुदाय की अपनी विशेषताएं हैं । इस समुदाय की पहचान उनकी भाषा संस्कृति इनकी जीवन शैली, वस्त्र आभूषण और उनके पर्व त्योहार में झलकता है। आदिवासी समुदाय प्रकृति के सभी घटकों पेड़, पौधे,धरती, नदियों, पहाड़ों और सूर्य की पूजा अर्चना करते हैं । उनकी परंपरा और संस्कृति अपने…
अशोक सिंह झारखंड की जनता विशेषकर आदिवासी समुदाय जन राजनीति के लिए हर बार यहाँ आवाज उठाता रहा है। खास कर विकास के सवाल को लेेकर उसने वर्तमान राजनीति के तौर तरीकों के खिलाफ अपना आक्रोश जाहिर किया है और स्वशासन के माध्यम से उसने बताया है कि जनतंत्र का वास्तविक अर्थ जनता की वह सत्ता है जो कि गरीब से गरीब को निर्णय करने का अधिकार देती है। इस अधिकार से ही जुड़ा है संसाधनों पर हक की मांग। झारखण्ड के लोग महसूस करते हैं कि उनका खराब वक्त तभी से आया जब से संसाधनों पर से हक छीन…
डॉ संजय कुमार झा स्नातकोत्तर समाजशास्त्र विभाग, कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा वर्तमान में न सिर्फ भारत में बल्कि विश्व के कई देशों में विश्व आदिवासी दिवस, 9 अगस्त,2024 को मनाया जा रहा है। विदित हो कि आदिवासी को अन्य नामों यथा-जनजाति,आदिम जाति,वन्यजाति, गिरिजन,पिछड़े हिंदू आदि से संबोधित किया गया है। जबकि भारतीय संविधान में आदिवासियों को “अनुसूचित जनजाति” कहकर संबोधित किया गया है।दरअसल ” जनजाति या आदिवासी एक ऐसा अन्तर्विवाही क्षेत्रीय समूह है जिसके सदस्य सामान्य भूभाग , भाषा, संस्कृति,जीवन स्तर, धर्म तथा व्यवसाय के आधार पर समानता की भावना द्वारा संगठित रहते हैं।”भारत में जनगणना रिपोर्ट,2011 के अनुसार कुल…
अंजनी शरण झारखंड की डेमोग्राफी में जो सबसे महत्वपूर्ण बदलाव सबसे पहले दिखा वह 18 वी सदी में संथाल के आगमन से राजमहल के आसपास हुआ। संथाल विद्रोह के बाद से गैर आदिवासियों को जमीन न बेचने का फैसला अभी तक लागू है फिर भी कई और वजहें है जिनसे जनसंख्या के आंकड़ों में तेजी से बदलाव दिख रहा है। सरकारी सूचना तंत्र के पास निश्चय ही आंकड़े भी उपलब्ध है जिनसे इस बदलाव का सत्यापन किया जा सकता है। आजादी के बाद से ईसाई मिशनरियों ने जिस तरह से धीरे धीरे अपनी पैठ समस्त झारखंड और विशेषकर संथाल परगना…
प्रो. निर्मल मुर्मू एसपी कॉलेज दुमका कहते हैं कि जल, जंगल और जमीन असली मालिक आदिवासी हैं। प्राकृतिक के साथ उनका घनिष्ठ रिश्ता है। प्राकृतिक के गोद में पला बढ़ा आज भी उन्हें शहर के आधुनिक चकाचौंध दुनिया से बेहतर गांव की संस्कृति पसंद है। आप कह सकते हैं कि आदिवासी और प्राकृति दोनों ही एक दूसरे के पूरक हैं। आज जहां विकास के नामों पर अंधाधुंध पेड़ों की कटाई हो रही है, जंगलों को उजाड़ा जा रहा है वहीं यह समाज प्राकृति को बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। चिपको आंदोलन और हंस देव बचाओ आंदोलन इसका जीता जाता…
नई दिल्ली। पिछले कई वर्षों से शेयर बाजार बेलगाम घोड़े की तरह दौड़ रहा है। म्युचुअल फंड के माध्यम से बड़ी तेजी के साथ शेयर बाजार में निवेश बढ़ा है। छोटे निवेशकों ने 16 करोड़ डीमैट खाता खोल रखे हैं। इसमें छोटे-छोटे निवेशक निवेश कर रहे हैं। म्युचुअल फंड के माध्यम से हर महीने शेयर बाजार में 21000 करोड रुपए निवेश किया जा रहे हैं। शेयर बाजार में म्युचुअल फंड की भागीदारी बढ़ने से बाजार तेजी के साथ भाग रहा था। विदेशी निवेशक भारतीय शेयर बाजार से मुनाफा वसूली करके बाहर निकल रहे हैं। उससे ज्यादा निवेश, छोटे निवेशक कर…
नई दिल्ली । लोकसभा और राज्यसभा के अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) समुदायों के सांसदों के एक प्रतिनिधमंडल ने शुक्रवार को संसद भवन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की। सांसदों ने संयुक्त रूप से एससी व एसटी के लिए क्रीमी लेयर पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के संबंध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा। सांसदों ने मांग की कि इस निर्णय को हमारे समाज में लागू नहीं किया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया कि एससी समुदाय का आरक्षण प्रभावित नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर मुलाकात की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, आज एससी व…
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड में एक हजार करोड़ रुपये के अवैध खनन मामले में सीबीआई को ट्रायल कोर्ट में चार्जशीट दाखिल करने का और मौका दे दिया है। कोर्ट ने पहले सीबीआई को निर्देश दिया था कि सीबीआई ट्रायल कोर्ट में अगले आदेश तक कोई चार्जशीट दाखिल नहीं करेगी। जस्टिस संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने आज इसी आदेश की अवधि को आगे बढ़ा दिया है। सुनवाई के दौरान झारखंड सरकार की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्होंने पिछले हफ्ते जवाब दाखिल कर दिया था। तब कोर्ट ने कहा कि अभी उन्हें…

