नई दिल्ली । जिंदगी में लगातार बना रहने वाला तनाव शरीर और दिमाग पर असर डाल सकता है। हमारा शरीर तनाव महसूस होने पर तुरंत सक्रिय हो जाता है, लेकिन आधुनिक जीवन में तनाव के स्रोत लगातार बने रहने के कारण यह स्थिति लंबे समय तक जारी रह सकती है। सुबह ऑफिस की भागदौड़, बच्चों को स्कूल भेजने की चिंता, ट्रैफिक, दिनभर की मीटिंग्स और रात में घर की जिम्मेदारियां आज की जिंदगी में तनाव रोजमर्रा का हिस्सा बन गया है। इसका असर नींद, मूड, रिश्तों और सामान्य स्वास्थ्य पर दिखाई दे सकता है। ऐसे में तनाव कम करने के लिए हमेशा लंबा ध्यान या मेडिटेशन करना जरूरी नहीं है।
एक्सपर्ट के अनुसार, कुछ छोटी आदतें भी तत्काल तनाव को संभालने में मदद कर सकती हैं। पहली आदत है गहरी और धीमी सांस लेना। किसी महत्वपूर्ण बैठक या प्रस्तुति से पहले सिर्फ तीन बार धीरे-धीरे गहरी सांस लेने से व्यक्ति खुद को शांत करने पर ध्यान केंद्रित कर सकता है। धीमी सांस शरीर की विश्राम प्रतिक्रिया को सक्रिय करने में मदद कर सकती है। इसके लिए आराम से बैठकर धीरे सांस लें और सांस छोड़ने में थोड़ा अधिक समय लगाएं। इसे तीन बार दोहराया जा सकता है। दूसरी आदत है हंसना। हंसी शरीर और मन पर सकारात्मक असर डाल सकती है। लाफ्टर योग जैसी गतिविधियों में शुरुआत में कृत्रिम हंसी भी की जाती है, जो कई बार स्वाभाविक हंसी में बदल जाती है।
थोड़ी देर हंसना तनावपूर्ण स्थिति से ध्यान हटाने का आसान तरीका हो सकता है। तीसरी आदत है खुद को शांत करने वाला स्पर्श। तनाव के दौरान लोग अक्सर खुद की आलोचना करने लगते हैं। ऐसे में हाथ को सीने पर रखकर कुछ गहरी सांसें लेना और खुद को शांत करने वाले शब्द कहना आत्म-सांत्वना का तरीका हो सकता है। यह भावनात्मक तनाव को संभालने में मदद कर सकता है। चौथी आदत है कुर्सी से उठकर हल्की स्ट्रेचिंग करना। लंबे समय तक कंप्यूटर के सामने बैठने से मानसिक दबाव के साथ शरीर में भी जकड़न महसूस हो सकती है। कुछ सेकंड के लिए उठकर गर्दन, कंधे और हाथ-पैरों को हल्का खींचना शरीर को आराम देने में मदद कर सकता है। इन माइक्रो-हैबिट्स में ज्यादा समय नहीं लगता और इन्हें काम के बीच भी अपनाया जा सकता है।
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