छात्रवृत्ति और आवास योजना में देरी पर डीसी सख्त, डीडब्ल्यूओ व दो बीडीओ को शोकॉज, कई कर्मियों का वेतन रुका*
पीएम जनमन और डिजिटल क्रॉप सर्वे में सुस्ती पर गिरी गाज, काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कड़ा एक्शन
लिंगानुपात में गड़बड़ी की आशंका पर अल्ट्रासाउंड केंद्रों की होगी जांच, स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए सड़क विहीन गांवों को चिह्नित करने का निर्देश
ब्यूरो
दुमका। दुमका के समाहरणालय सभागार में शनिवार को आयोजित जिला समन्वय समिति की बैठक में उपायुक्त का कड़ा तेवर देखने को मिला। जन कल्याणकारी योजनाओं की धीमी गति और लापरवाही पर डीसी ने अधिकारियों की जमकर क्लास लगाई। काम में कोताही बरतने वाले कई अधिकारियों का जहां वेतन रोक दिया गया है, वहीं कई बीडीओ और डीडब्ल्यूओ को शोकॉज नोटिस थमाया गया है। उपायुक्त ने सख्त हिदायत दी है कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर हाल में समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए।
बैठक में छात्रवृत्ति भुगतान में विलंब के मुद्दे को उपायुक्त ने बेहद गंभीरता से लिया। फंड उपलब्ध होने के बावजूद छात्रों को पैसे नहीं मिलने पर उन्होंने जिला कल्याण पदाधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। डीसी ने साफ कहा कि विद्यार्थियों की योजनाओं में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, आवास योजना के तहत लाभुकों को तीसरी किस्त भेजने में हुई देरी पर दुमका और गोपीकांदर के प्रखंड विकास पदाधिकारियों को भी शोकॉज किया गया है।
केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी पीएम जनमन योजना की समीक्षा में काठीकुंड और रानेश्वर प्रखंड का प्रदर्शन निराशाजनक पाया गया। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए डीसी ने दोनों प्रखंडों के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर का वेतन रोकने का निर्देश दिया और वहां के बीडीओ को शोकॉज नोटिस जारी किया। इसके अलावा, डिजिटल क्रॉप सर्वे में लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले प्रखंडों के बीटीएम, एटीएम और प्रखंड कृषि पदाधिकारियों का वेतन भी रोक दिया गया है। जेएसएलपीएस के तहत सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले बीपीएम को भी शोकॉज किया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन ग्रामीण इलाकों में सड़क नहीं होने के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं नहीं पहुंच पा रही हैं, उन्हें चिह्नित कर वहां तुरंत सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाए। प्रखंडवार लिंगानुपात रिपोर्ट में भारी अंतर मिलने पर डीसी ने सिविल सर्जन को जिले के अल्ट्रासाउंड केंद्रों की सघन जांच करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही फूड सेफ्टी ऑफिसर को भी खाद्य पदार्थों और प्रतिष्ठानों की जांच तेज करने को कहा गया है।
उपायुक्त ने सभी विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने और समस्याओं का समयबद्ध निपटारा करने का निर्देश दिया है। बैठक के अंत में उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही, बेवजह देरी या लक्ष्य पूरा नहीं होने पर सीधे जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस अहम बैठक में उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता समेत विभिन्न विभागों के वरीय अधिकारी मौजूद थे।


