मई में ईवी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी हुई
नई दिल्ली । पश्चिमी एशिया में जारी संकट के कारण पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों ने भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की बिक्री को अभूतपूर्व बढ़ावा दिया है। वाहन डीलरों के संगठन फाडा के अनुसार, मई में ईवी की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 11 फीसदी के अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में यह 7 फीसदी थी। ईंधन की कीमतों में लगभग 7.5 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद यह रुझान देखा गया।
फाडा के एक अधिकारी ने बताया कि दोपहिया वाहनों में ईवी की हिस्सेदारी 6.11 फीसदी से 9.25 फीसदी, तिपहिया में 61.46 से 64.45 फीसदी, यात्री वाहनों में 4.51 से 6.63 फीसदी और वाणिज्यिक वाहनों में 1.37 से 2.86 फीसदी हो गई। मई में कुल वाहन खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 10 फीसदी बढ़कर 25.3 लाख इकाई रही, जो मजबूत ग्रामीण मांग से प्रेरित थी। यात्री वाहनों की बिक्री 23 फीसदी, ट्रैक्टरों की 11 फीसदी और दोपहिया वाहनों की 8 फीसदी बढ़ी। मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और महिंद्रा जैसे प्रमुख निर्माताओं ने भी दमदार वृद्धि दर्ज की। वैकल्पिक ईंधन (सीएनजी और ईवी सहित) की कुल हिस्सेदारी 38 फीसदी रही। हालांकि, भीषण गर्मी और कुछ मॉडलों की आपूर्ति कमी ने बिक्री की रफ्तार को कुछ हद तक प्रभावित किया।


