नई दिल्ली । पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने अपने करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद अहम सूचना जारी की है, जिसके तहत 10 नवंबर के बाद कुछ निष्क्रिय खातों को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। बैंक ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई उन खातों पर होगी जिनमें पिछले तीन साल से कोई लेनदेन नहीं हुआ है और जिनका बैलेंस भी शून्य है। बैंक का यह कदम वित्तीय सुरक्षा बढ़ाने और बैंकिंग प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में उठाया गया है। पीएनबी द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह नियम केवल उन खातों पर लागू होगा जिनमें 30 सितंबर 2026 तक पिछले लगातार तीन वर्षों (यानी सितंबर 2023 से) कोई वित्तीय या गैर-वित्तीय लेनदेन नहीं हुआ है, और साथ ही खाते में बैलेंस भी शून्य है।
स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी खाते में पैसा जमा है, तो भले ही वह लंबे समय से इस्तेमाल न हुआ हो, उसे इस अभियान के तहत स्वतः बंद नहीं किया जाएगा। प्रायः ऐसा देखा जाता है कि लोग नौकरी बदलने, स्थान परिवर्तन या अन्य बैंकों में नया खाता खुलवाने के बाद अपने पुराने खातों का उपयोग बंद कर देते हैं। पीएनबी का यह निर्णय ऐसे ही लावारिस या निष्क्रिय खातों की समीक्षा करने के लिए है ताकि बैंकिंग प्रणाली को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके। बैंक अधिकारियों के अनुसार लंबे समय से निष्क्रिय और शून्य बैलेंस वाले खाते वित्तीय सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकते हैं और इनके गलत इस्तेमाल की संभावना बनी रहती है। इसलिए, बैंक अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त करने और संभावित धोखाधड़ी से ग्राहकों को बचाने के लिए यह कदम उठा रहा है।


