सैकड़ों समर्थकों के साथ फूलो-झानो मुर्मू चौक पहुंचकर फूलो मुर्मू-झानो मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लिया आशीर्वाद लिया
समाज के हितों व शोषण,अत्याचार के खिलाफ जंग जारी रहेगी: निखिल मुर्मू
दुमका। आदिवासी क्रांति सेना के क्रांतिकारी निखिल मुर्मू चालीस दिन के बाद जेल से बाहर निकले। जेल से बाहर निकलने पर कड़ी धूप के बावजूद उनके समर्थकों ने पूरे जोश के साथ उनका स्वागत किया।
जेल से निकलते ही उन्होंने सर्वप्रथम पोखरा चौक स्थित सिदो मुर्मू-कान्हू मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस दौरान उनके समर्थकों द्वारा लगाए जा रहे क्रांतिकारी निखिल मुर्मू जिंदाबाद” के नारों से पूरा माहौल उत्साह और जोश से भर गया। तत्पश्चात निखिल ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ फूलो-झानो मुर्मू चौक पहुंचकर फूलो मुर्मू-झानो मुर्मू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद अपने समर्थकों का आभार प्रकट करते हुए उन्होंने कहा कि हम जेलों से डरने वाले नहीं हैं। पूर्व के भांति ही समाज के हितों व शोषण,अत्याचार के खिलाफ जंग जारी रहेगी। हर गलत कार्यों और शोषित-पीड़ित लोगों की
आवाज बनेंगे।
समर्थकों को संबोधित करने के पश्चात् उनके समर्थकों ने उन्हें उनके कुरुआ स्थित घर तक ससम्मान पहुंचाया। घर में भी उनका स्वागत संताली रितिरिवाज के अनुसार पूरे उत्साह व जोश के साथ किया गया। तब से उनसे मिलने के लिए उनके दोस्त, रिश्तेदार और चाहने वालों का तांता लगा हुआ है।
मौके पर संगठन के सीमांत हांसदा, अमर मरांडी, प्रेम हांसदा, मुन्ना मरांडी, राजू सोरेन, लवकीशोर टुडू, सन्नी बेसरा, बेनीलाल टुडू, संदीप मरांडी, आर्यन, विष्णु किस्कू, आलडेन किस्कू,अनुज टुडू, ली भाई, दीप आदि मौजूद रहे।


