● स्कूल से लौटने के बाद लापता हुई नाबालिग बच्ची का मिला था शव, इलाके में सनसनी
● DIG के निर्देश पर SP के नेतृत्व में बनी SIT ने तकनीकी साक्ष्यों के साथ की वैज्ञानिक जांच
● गिरफ्तार आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया अपराध, पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेजा
ब्यूरो
दुमका: झारखंड के दुमका जिला अंतर्गत काठीकुण्ड थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की की हत्या के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस उप-महानिरीक्षक संथाल परगना क्षेत्र के निर्देश पर दुमका पुलिस अधीक्षक पीताम्बर सिंह खेरवार के नेतृत्व में गठित विशेष जांच टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिशु टुडू को गिरफ्तार कर लिया है।
लापता होने के बाद खोजबीन में मिला था शव
यह घटना 9 अक्टूबर 2026 की शाम को हुई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, एक नाबालिग बच्ची स्कूल से लौटने के बाद करीब साढ़े तीन बजे गांव के पास मैदान में मवेशियों को लेने गई थी। जब मवेशी घर लौट आए लेकिन बच्ची नहीं लौटी, तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की। मैदान में बच्ची की चप्पल और रस्सी पड़ी मिली। ग्रामीणों और पुलिस की सघन खोजबीन के बाद गांव से लगभग 500 मीटर दूर चेक डैम के पास झाड़ियों से बच्ची का शव बरामद हुआ।
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वैज्ञानिक अनुसंधान और पूछताछ से खुला राज
इस मामले को लेकर काठीकुण्ड थाना में कांड संख्या-35/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक उच्च स्तरीय एसआईटी बनाई गई।
जांच टीम ने जीतपुर, भण्डारो, पिपरा और आस-पास के गांवों में व्यापक अभियान चलाया। डॉग स्क्वाड, फिंगरप्रिंट टीम और एफएसएल की मदद से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए। इस दौरान करीब 500 लोगों से पूछताछ की गई। इसी क्रम में संदिग्ध रासी टोला पिपरा निवासी 35 वर्षीय शिशु टुडू से पूछताछ की गई, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घटना से जुड़े साक्ष्य बरामद किए हैं और उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली एसआईटी में सदर एसडीपीओ दिलीप खलखो, महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार सहित कई थानों के प्रभारी और पुलिस अधिकारी शामिल थे।


