गिरिडीह। झारखंड में जेपीएससी – जेएसएससी में नियुक्ति विवाद को लेकर जारी छात्रो के शांतिपूर्ण आंदोलन के बीच शुक्रवार को छात्र संगठनों की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पुतला दहन कार्यक्रम दौरान झामुमो समर्थकों की ओर से प्रदर्शनकारियों को दौड़ा – दौड़ा कर पीटने की कथित घटना पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सोरेन सरकार की कड़ी आलोचना की है।
उन्होंने घटना को छात्र विरोधी बताया है। शनिवार को गिरिडीह में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर बच्चे राज्यभर में लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलनरत हैं।बावजूद शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के दबंगो ने जगह-जगह छात्रों के साथ मारपीट कर दुर्व्यवहार किया है। हजारीबाग , रामगढ़ , रांची के साथ- गिरिडीह के झंडा मैदान में बच्चों को पीटा गया।
उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील करते हुए कहा कि बच्चों की मांग पर ध्यान दें। उन्हे बेवजह डराया – धमकाया जाना कहीं से न्यायोचित नहीं है। बच्चे यदि सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं तो उनकी बात सुनने की जरूरत है । मरांडी ने कहा कि जिस तरह से शुक्रवार को गुंडागर्दी की गई है, बिल्कुल गलत है। उन्होंने कहा कि सरकार के दंबगों का क्रम ऐसे चलता रहा तो तो गांव-गांव में बच्चे डंडा लेकर निकल गए तो झामुमो को परेशानी होगी। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को राज्य की राजधानी रांची सहित अन्य शहरो में बच्चे अपनी भावनाए पुतला दहन के माध्यम से शांतिपूर्ण विरोध जता रहे थे जिसकी पटकथा गिरिडीह के गाण्डेय में एक झामुमो नेता ने तैयारी की। दोपहर से ही मोबाईल मैसेज किये गये थे जो काफी दुख:द है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य के छात्रों को अनुशासित बताते हुए कहा कि 20 जुलाई को भी छात्रों को रोकने के लिए रांची को पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा की तरह बदल दिया गया। लेकिन छात्रों ने बेहद शालीनता के साथ हेमंत सरकार के खिलाफ आंदोलन किया। इसके बाद भी हेमंत सरकार ने साजिशन छात्रों पर लाठियां चलवाई। इधर, झामुमो के जिलाध्यक्ष संजय सिंह ने शनिवार को कहा कि मामले में कोर्ट ने आदेश दिया है। लोग कोर्ट जाकर विरोध दर्ज कराएं, न कि पुतला दहन कर मुख्यमंत्री का अपमान करें। यह सही नहीं है।


