खाद्य महंगाई दर नवंबर में यह -2.6 फीसदी थी
नई दिल्ली । कंपनियों और कॉमर्स मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2025 में थोक मूल्य सूचकांक (डब्ल्यूपीआई) पर आधारित महंगाई दर 0.83 फीसदी दर्ज की गई, जो पिछले 8 महीनों में सबसे उच्च स्तर है। यह संकेत है कि लंबे समय से जारी अवस्फीति का दौर धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है और महंगाई बढ़ने लगी है। खाद्य महंगाई दिसंबर में 0 फीसदी पर स्थिर रही, जबकि नवंबर में यह -2.6 फीसदी थी। प्राथमिक खाद्य वस्तुओं की अवस्फीति दिसंबर में -0.43 फीसदी रही, जो नवंबर के -4.16 फीसदी से कम है। सब्ज़ियां -3.5, मोटे अनाज -1.18, दलहन -13.44 और प्याज -54.4 फीसदी रही। इसके विपरीत, धान और फलों पर महंगाई का दबाव देखा गया। इससे पता चलता है कि महंगाई के दबाव अब कुछ वस्तुओं पर धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। मुख्य महंगाई दर, जिसमें खाद्य और ईंधन शामिल नहीं हैं, दिसंबर में 2 फीसदी पर पहुंच गई, जो 34 महीने में उच्चतम स्तर है। एक वरिष्ठ अर्थशास्त्री ने कहा कि रुपये की कमजोरी और वैश्विक कीमतों में वृद्धि मुख्य कारण हैं। उन्होंने अनुमान लगाया कि जनवरी 2026 में थोक खाद्य महंगाई और बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि अच्छी कृषि फसल, अनुकूल आधार प्रभाव और पर्याप्त जलाशय के कारण खाद्य महंगाई पर नियंत्रण की उम्मीद है।


