एनएच-75 चौड़ीकरण परियोजना में भुगतान में देरी पर सख्ती
रांची । झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय राजमार्ग-75 (एनएच-75) के ब्राम्बे से इटेहे मोड़ तक सड़क चौड़ीकरण परियोजना में भू-अर्जन मुआवजा भुगतान में हुई लंबी देरी पर लोकायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया है। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एवं लोकायुक्त अमिताभ कुमार गुप्ता ने वर्ष 2020 से अब तक रांची में पदस्थापित सभी जिला भू-अर्जन पदाधिकारियों (डीएलएओ) तथा पथ निर्माण विभाग के संबंधित कार्यपालक अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। लोकायुक्त ने अधिकारियों पर मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया में जानबूझकर लापरवाही बरतने और मामले को वर्षों तक लंबित रखने का आरोप लगाया है।
लंबित फाइलों की समीक्षा के दौरान पाया गया कि सड़क निर्माण का कार्य वर्ष 2016 में पूरा हो गया था, लेकिन प्रभावित रैयतों को अब तक भूमि अधिग्रहण का मुआवजा नहीं मिल सका। यह मामला ब्राम्बे निवासी अकलेश सिंह की शिकायत के बाद लोकायुक्त के संज्ञान में आया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि ब्राम्बे से इटेहे मोड़ तक करीब 8.525 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण बिना मुआवजा दिए पूरा कर लिया गया। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में उनकी लगभग 20 से 25 डिसमिल जमीन अधिग्रहित की गई, लेकिन आज तक उन्हें भुगतान नहीं मिला। जानकारी के अनुसार, इस सड़क परियोजना के लिए मांडर, रातू और बुढ़मू अंचल के नौ राजस्व गांवों की भूमि अधिग्रहित की गई थी। लोकायुक्त के निर्देश पर वर्तमान जिला भू-अर्जन पदाधिकारी ने हाल ही में अद्यतन रिपोर्ट प्रस्तुत की है। रिपोर्ट में कहा गया है कि समय पर परियोजना के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण नियमानुसार एक वर्ष बाद परियोजना की स्वीकृत राशि व्ययगत हो गई, जिससे भुगतान की प्रक्रिया प्रभावित हुई।


