एस.के.झा.’सुमन’
दुमका। दुमका नगर परिषद अध्यक्ष पद के लिए मैदान में उतरे राधेश्याम वर्मा खुद को सिर्फ एक प्रत्याशी नहीं, बल्कि जनसेवा की जमीन से जुड़े एक सक्रिय चेहरे के रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। वर्षों से सदान एकता परिषद और सिविल सोसाइटी के माध्यम से लोगों की समस्याओं को उठाने वाले वर्मा शहर की बुनियादी दिक्कतों जल-जमाव, दूषित पानी और अंधेरे को अपनी प्राथमिकता बता रहे हैं। पारदर्शिता, भ्रष्टाचारमुक्त व्यवस्था और आम जनता की सीधी भागीदारी को अपना मुख्य एजेंडा बनाकर वे दुमका को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधायुक्त नगर बनाने का संकल्प लेकर चुनावी मैदान में उतरे हैं। इनसे की ब्यूरो प्रभारी एस.के.झा.’सुमन’
ने खास बातचीत।
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जनता क्यों करें आपको वोट
जनता हमें वोट इसलिए दे क्योंकि हमने वर्षों से सदान एकता परिषद और सिविल सोसाइटी के माध्यम से निष्पक्ष होकर जनसमस्याएं उठाईं, जरूरतमंदों की मदद की और शहर की शांति-सुरक्षा बनाए रखी। हम विकास, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध हैं, न कि निजी लाभ के लिए राजनीति करते हैं।
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सवाल : नगर के पूरे वार्डों की मुख्य समस्या क्या है और आपका 100 दिनों का एजेंडा क्या होगा?
उत्तर : नगर में जल-जमाव, दूषित पेयजल और अंधेरे की समस्या गंभीर है। मेरा 100 दिनों का लक्ष्य इन बुनियादी कमियों को दूर करना और महिलाओं के सम्मान के लिए बाज़ारों में आधुनिक पिंक टॉयलेट्स का निर्माण करना है। स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधा संपन्न वार्ड मेरी प्राथमिकता है।
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सवाल : भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी पर कैसे लगाम लगाएंगे?
उत्तर : भ्रष्टाचार मिटाने के लिए हम पारदर्शिता और ईमानदारी लाएंगे। सफाईकर्मियों का मानदेय 20,000 कर उन्हें सशक्त करेंगे, अच्छे कार्य करने वाले को 10 हजार प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था की जाएगी। एस्टीमेट घोटालों की जाँच कराएंगे और कमीशनखोरी को खत्म कर जनता की गाढ़ी कमाई का एक-एक पैसा विकास में लगाएंगे।
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सवाल : गरीबों के कल्याण के लिए आपकी क्या योजना है?*
उत्तर : गरीबों के स्वावलंबन के लिए हमारी योजना ‘हुनर से सशक्तिकरण’ पर केंद्रित है। हम आधुनिक स्किल ट्रेनिंग के जरिए गरीबों और युवाओं को दक्ष बनाकर उन्हें स्वरोजगार के लिए आसान ऋण और बाजार उपलब्ध कराएंगे, ताकि वे केवल रोजगार पाने वाले नहीं, बल्कि रोजगार देने वाले बनें।
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सवाल : जनता की सीधी भागीदारी कैसे सुनिश्चित करेंगे या सिर्फ चुनाव तक ही रिश्ते रहेंगे?
उत्तर : जनता की भागीदारी केवल चुनाव तक नहीं, बल्कि हर दिन होगी। वार्डों में शिकायत पेटी, हेल्पलाइन नंबर और ‘गली-गली संवाद’ के जरिए हम सीधे जनता की राय से विकास सुनिश्चित करेंगे।
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