देवघर संताल एक्सप्रेस:-आईoएमoएo हॉल, देवघर में राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत चिकित्सा पदाधिकारियों के दो दिवसीय कुष्ठ प्रशिक्षण का समापन सिविल सर्जन, देवघर डॉo युगल किशोर चौधरी की अध्यक्षता एवं जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी, देवघर डॉo मनोज कुमार गुप्ता की उपस्थिति में किया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिन डॉo युगल किशोर चौधरी के द्वारा बताया गया कि कुष्ठ रोग से ग्रसित व्यक्ति की त्वचा पर दाग पड़ने लगते हैं और त्वचा संवेदनहीन होने लगती है। इसकी तुरंत किसी सरकारी अस्पताल में जांच कराकर इलाज शुरू कराना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारे समाज में कुष्ठ रोग को लेकर कई भ्रांतियां हैं। बीमारी को लेकर लापरवाही बरतने से दिव्यांगता का खतरा हो सकता है। इसलिये समय पर उपचार जरूर कराएं। साथ ही प्रशिक्षण के क्रम में डॉo मनोज कुमार गुप्ता के द्वारा उपस्थित सभी चिकित्सा पदाधिकारियों को यह बताया गया कि समाज में अब भी यह भ्रांति है कि कुष्ठ रोग आनुवंशिक,अनैतिक आचरण, पूर्व जन्म के पाप कर्म का फल है। छुआछूत आदि से होता है। यह बात पूरी तरह गलत है। यह रोग माइक्रो बैक्टीरियम लेप्री के कारण होता है। यह मुख्यत: मानव त्वचा की ऊपरी झिल्ली,तंत्रिका तंत्र,आंखों एवं शरीर के कुछ अन्य भागों को प्रभावित करता है। रोगी के शरीर पर हल्के रंग के चकत्ते होना इसके प्रारंभिक लक्षण हैं, जिसमें सुन्नपन होता है। चकत्ते वाले भाग पर ठंडा गर्म महसूस नहीं होता है। कुष्ठ रोग मल्टी ड्रग थेरेपी (एमडीटी) से ठीक हो जाता है। उन्होंने कहा कुष्ठ रोगी को उपचार के दौरान किसी भी हालत में दवा बंद नहीं करनी चाहिए। दवा का रोजाना सेवन जरूरी है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर इसकी निशुल्क दवाईयां मुहैया कराई गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षक में रूप में बलराम महतो एवं डॉo राजेश वर्मा उपस्थित थे। साथ ही मौके पर डॉo राजीव कुमार, डॉo नाजिर हैदर, डॉo अभिषेक चौधरी, डॉo देव आनन्द तिवारी,कुमार अभिषेक, रवि चन्द्र मुर्मू, अभिषेक लाल एवं अन्य उपस्थित थे।
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