नाला(जामताड़ा) । सालकुंडा गाँव में महावीर जन्मकल्याणक के अवसर पर धार्मिक और सामाजिक उत्सव का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने महावीर जन्म कल्याणक को धूमधाम से मनाया और इस अवसर पर धर्मिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया। इस उत्सव में गाँव के लोगों ने महावीर जन्मकल्याणक के अवसर पर महिला और बच्चों के साथ मिलकर पूजा-अर्चना की और धार्मिक गाने गाए। साथ ही, गाँव के बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया और भजन संध्या का आयोजन किया। इस अवसर पर गाँव के राजेंद्र सराक ने बताया कि महावीर का एक ही वाणी था जियो और जीने दो, इसलिए खुद भी अहिंसा से जियो और दूसरो को भी शांति पूर्वक जीने दो जिससे राज्य में शांति बनी रहेगी। इस दौरान उन्होंने महावीर जन्म कल्याणक के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने लोगों से महावीर भगवान की शिक्षाओं को अपने जीवन में अमल में लाने की अपील की। इस उत्सव में गाँव के सभी वर्गों के लोग उत्साह से भाग लिए और महावीर जन्म कल्याणक को धूमधाम से मनाया। उत्सव में गाँव की सांस्कृतिक धरोहर को बनाए रखने का संकल्प भी लिया गया। पूजा का आयोजन बालिका मंडल ने किया था साथ ही पूरे गांव बैंड बाजा के साथ घुमाया गया। ज्ञात हो कि जैन धर्म का पर्युषण सबसे बड़ा त्यौहार है, आज जैन धर्म का पांचवा दिन है। आज महावीर जन्म कल्याणक है यह आठ दिन चलता है। शनिवार को संवत्सरी है इस दिन हम सभी से पूरे साल में किए गए जाने अनजाने में किए गए भूल के लिए क्षमा मांगते हैं। इस अवसर पर पुजारी तपन माजी, पायल माजी, सोमनाथ माजी, स्वीटी माजी सहित बालिका मंडल आदि मौजूद थे।
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