बरहेट/साहिबगंज: हूल दिवस के अवसर पर मंगलवार को शहीद स्थल पचकठिया तथा शहीदों की जन्मस्थली भोगनाडीह स्थित सिदो-कान्हू पार्क में वीर शहीद सिदो, कान्हू, चांद, भैरो, फूलो एवं झानो को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. इस दौरान झामुमो,भाजपा एवं जिला प्रशासन की ओर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए.झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा, राजमहल सांसद विजय कुमार हांसदा, राजमहल विधायक ताजुद्दीन अंसारी, बोरियो विधायक धनंजय सोरेन सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शहीदों की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि दी. नेताओं ने कहा कि सिदो-कान्हू, चांद-भैरो, फूलो-झानो संथाल हूल के अमर नायक हैं और उनका बलिदान सदैव आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा.
उनके संघर्ष और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता. मौके पर केंद्रीय सचिव सह प्रवक्ता पंकज मिश्रा , राजमहल लोकसभा क्षेत्र के सांसद विजय हांसदा ,राजमहल के विधायक मोहम्मद ताजुद्दीन ऐम टी राजा, बोरियो विधायक धनंजय सोरेन, झामुमो जिला अध्यक्ष अरुण सिंह,सचिव सुरेश टुडू,युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष संजय गोस्वामी,सचिव मारुफ गुड्डू,ज़िप अध्यक्ष मोनिका किस्कू,केंद्रीय समिति सदस्य संजय मिश्रा,सांसद प्रतिनिधि संजीव सामू हेंब्रम, झामुमो प्रखंड अध्यक्ष सह प्रमुख बर्नार्ड मरांडी, सचिव मुजिबुर रहमान,उपप्रमुख रुपक साह, छवि हेंब्रम,देव सोरेन,जिप सदस्य जेठा मुर्मू, मोहम्मद अली अंसारी, जिला सोशल मिडिया सदस्य मोहम्मद एजाज,प्रखंड मिडिया सदस्य अरशद अंसारी,अब्दुल मजीद,सुनीराम हांसदा, मैनुल हक,लुखीराम हेंब्रम,चारलेश सोरेन,समदा सोरेन,पुसा टुडू,लड्डू भगत,समसुल अंसारी,मिराज हक, मुश्ताक अंसारी,इब्राहिम अंसारी,बाबुधन टुडू महिला नेत्री श्रीमती बेला किस्कू,सुनीता टुडू, सहित सभी 22पंचायत के अध्यक्ष सचिव व कार्यकर्ता मौजूद थे.
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शहीदों के वंशजों को किया सम्मानित
हूल दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन ने प्रखंड प्रशासन के माध्यम से शहीदों के वंशजों को सम्मानित किया. प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी अंशु कुमार पांडे ने वंशजों के आवास पहुंचकर 17 परिवारों को अंगवस्त्र एवं अन्य सम्मान सामग्री भेंट कर सम्मानित किया.
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हूल दिवस के अवसर पर बिगत वर्षों की अपेक्षा इसबार भोगनाडीह में नहीं दिखा रौनक भीड़ भी कम रही
हूल दिवस के अवसर पर विगत वर्षों की भांति इस वर्ष किसी प्रकार का कोई विशेष कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया गया और न ही सरकार के कोई मंत्री भोगनाडीह पहुंचे जिसके कारण भगनाडीह में भीड़ कम रही । वहीं किसी भी राजनीतिक दल का क्रांति स्थल से भगनाडीह तक निकलने वाली रैली व जुलूस इस वर्ष नहीं निकला। केवल सांसद विधायक पार्टी के कार्यकर्ता, भाजपा के भी पार्टी पदाधिकारी व कार्यकर्ता पहुंचे और माल्यार्पण किया। नहीं हुआ सरकारी कार्यक्रम नहीं लगे कोई स्टॉल जो चर्चा का विषय बना रहा यह भी चर्चा होते सुना गया कि बीते वर्ष 25 में मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे हालांकि सरकारी कार्यक्रम का आयोजन हुआ और मंत्री वाकई दिग्गज नेता पहुंचे थे ,जबकि इस बार कोई मंत्री नहीं पहुंचे। अन्य जिला एवं सदस्यों से पहुंचने वाले आदिवासी समाज के लोग भी इस बार काफी कम संख्या में भोगनाडीह में दिखाई पड़े।


