नई दिल्ली । पेट की समस्या को अक्सर हम गैस, अपच, थकान या भारीपन समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यही संकेत समय रहते पहचान लिए जाएं तो कैंसर की बीमारी को शुरुआती चरण में पकड़ना आसान हो सकता है। अधिकतर मामलों में मरीज डॉक्टर के पास तब पहुंचते हैं जब कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैलना शुरू कर चुका होता है। कैंसर जागरूकता से जुड़ी संस्था अमेरिकी कैंसर सोसायटी यह स्पष्ट करती है कि पेट के कैंसर के कई शुरुआती लक्षण ऐसे होते हैं जिन्हें गंभीरता से लेना चाहिए। इनमें सबसे आम है बार-बार पेट फूलना या खाने के बाद भारीपन महसूस होना। थोड़ी-सी मात्रा में भोजन करने पर ही पेट भरा हुआ महसूस होने लगे, लगातार भारीपन या जकड़न बनी रहे, तो यह पाचन तंत्र की धीमी गति का संकेत हो सकता है। आयुर्वेद भी मानता है कि जब पाचन अग्नि कमजोर होती है, तो शरीर में असंतुलन पैदा होता है, जिससे पेट फूलना लगातार बना रह सकता है। एक अन्य महत्वपूर्ण संकेत है बिना वजह लगातार थकान महसूस होना। आज की व्यस्त जीवनशैली में थकान सामान्य लगती है, लेकिन पर्याप्त आराम के बाद भी लगातार कमजोरी महसूस होना चिंता का विषय है।
कई बार पेट का कैंसर धीरे-धीरे अंदरूनी रक्तस्राव का कारण बनता है, जिससे शरीर में आयरन और खून की कमी होने लगती है। इसके साथ चक्कर आना, त्वचा का पीला पड़ना या सांस फूलना जैसे लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सा जांच जरूरी हो जाती है। तेजी से वजन कम होना और कम खाकर ही पेट भर जाने जैसा महसूस होना भी पेट के कैंसर का प्रमुख लक्षण हो सकता है। कैंसर कोशिकाएं ऊर्जा की अधिक खपत करती हैं, जिससे वजन तेजी से घटता जाता है। साथ ही भोजन की नली या पेट के हिस्से में रुकावट बनने से व्यक्ति कुछ ही कौर खाने के बाद पेट भरने जैसा अनुभव करने लगता है, जो साधारण समस्या नहीं है।
मितली आना या उल्टी जैसा महसूस होना भी ऐसा ही संकेत है जिसे अक्सर नजरअंदाज किया जाता है। अगर बिना किसी कारण यह समस्या रोज होने लगे, खाने के बाद या सुबह उठते ही परेशान करे, तो यह पेट की अंदरूनी परत में सूजन या अन्य गंभीर परेशानी का संकेत हो सकता है। इन सभी लक्षणों को समय पर पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि शुरुआती चरण में उपचार अधिक प्रभावी होता है। इसलिए किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में न लें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें, क्योंकि शुरुआती जागरूकता ही इस गंभीर बीमारी से बचाव का सबसे बड़ा हथियार है। मालूम हो कि दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे कैंसर के मामलों में पेट का कैंसर एक बड़ी चिंता का विषय बनता जा रहा है। यह बीमारी इसलिए अधिक घातक मानी जाती है क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण साधारण पेट की समस्याओं जैसे लगते हैं।


