दुमका। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने और आम लोगों के सफर को महफूज बनाने के लिए दुमका जिला प्रशासन ने एक बेहद अहम और सराहनीय कदम उठाया है। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की विशेष पहल पर जिले के उन सभी खतरनाक और अंधे मोड़ों को चिन्हित किया गया है, जहां हादसों का अंदेशा सबसे ज्यादा रहता है। इन संवेदनशील जगहों पर अब कॉन्वेक्स मिरर, रोड शेवरॉन और ड्रम डिलिनेटर जैसे आधुनिक सड़क सुरक्षा उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। अक्सर तीखे मोड़ों और संकरे रास्तों पर सामने से आ रही गाडिय़ां दिखाई नहीं देती हैं, जो आमने-सामने की जोरदार टक्कर का कारण बनती हैं। इस खतरे को देखते हुए प्रशासन ने कॉन्वेक्स मिरर लगाए हैं, जिससे वाहन चालकों को घुमावदार रास्तों पर भी सामने का ट्रैफिक बिल्कुल साफ नजर आएगा। इसके साथ ही, रात के अंधेरे और कोहरे जैसे खराब मौसम में रास्तों की सटीक दिशा बताने के लिए रोड शेवरॉन और ड्रम डिलिनेटर लगाए गए हैं। इससे ड्राइवरों को दूर से ही सड़क की चौड़ाई और मोड़ों का अंदाजा लग जाएगा।
जिला प्रशासन का यह कदम केवल फौरी राहत नहीं है, बल्कि एक दीर्घकालिक और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाने की ओर बड़ा प्रयास है। प्रशासन की योजना है कि आने वाले समय में जिले के अन्य ब्लैक स्पॉट्स और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में भी जरूरत के हिसाब से ये उपकरण लगाए जाएंगे। इसके अलावा, लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के लिए कई विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे। इस नई व्यवस्था के बीच उपायुक्त ने जिले के सभी वाहन चालकों से एक खास अपील भी की है। उन्होंने कहा है कि प्रशासन अपनी तरफ से हर मुमकिन कोशिश कर रहा है, लेकिन नागरिकों की भी यह जिम्मेदारी है कि वे यातायात नियमों का सख्ती से पालन करें। दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का इस्तेमाल हर हाल में करें। घुमावदार रास्तों पर रफ्तार पर नियंत्रण रखें और सावधानी से गाड़ी चलाकर खुद को और दूसरों को सुरक्षित रखें।


