संताल एक्सप्रेस प्रतिनिधि
पाकुड़। झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश के बाद पाकुड़ जिला प्रशासन ने सार्वजनिक तालाबों एवं सरकारी जलस्रोतों को अतिक्रमण मुक्त कराने की कार्रवाई तेज कर दी है। उपायुक्त के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है। प्रशासन ने तालाब की भूमि पर अतिक्रमण करने वाले 10 लोगों को नोटिस जारी कर 30 जुलाई तक स्वयं अतिक्रमण हटाकर भूमि को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई हाई कोर्ट में 31 जुलाई को निर्धारित है।जानकारी के अनुसार, शहर के बैंक ऑफ बड़ौदा के समीप स्थित दाग संख्या-1345, खाता संख्या-588, थाना संख्या-128, मौजा पाकुड़ की सरकारी भूमि राजस्व अभिलेख में पोखर (तालाब) के रूप में दर्ज है। आरोप है कि इस भूमि पर मकान और दुकान बनाकर अवैध अतिक्रमण कर लिया गया है। प्रशासन ने संबंधित निर्माणों की मार्किंग कर अंतिम चेतावनी भी जारी कर दी है।प्रशासन का कहना है कि तालाब की भूमि का स्वरूप बदलना संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम, 1949 की धारा-35 तथा झारखंड हाई कोर्ट के आदेश का उल्लंघन है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय-सीमा तक अतिक्रमण नहीं हटाने पर प्रशासन स्वयं कार्रवाई करेगा, तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराएगा तथा कार्रवाई में होने वाला पूरा खर्च संबंधित अतिक्रमणकारियों से वसूला जाएगा।
जिला प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक जलस्रोतों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हाई कोर्ट के निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। अब सबकी निगाहें 30 जुलाई की समय-सीमा और 31 जुलाई को हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं।


