जितेन्द्र दास
पाकुड़। जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच ग्रामीण क्षेत्रों में सर्पदंश की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सांप के काटने पर झाड़-फूंक, ओझा-गुनी या घरेलू उपचार के चक्कर में समय बर्बाद न करें, बल्कि पीड़ित को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाएं। चिकित्सकों का कहना है कि समय पर एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) और उचित चिकित्सा मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2026 में जनवरी से अब तक जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में 180 सर्पदंश पीड़ित मरीजों का इलाज किया गया है। राहत की बात यह है कि सर्पदंश से जिले में अब तक एक भी मौत दर्ज नहीं हुई है। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता है, जिससे जरूरत पड़ने पर मरीजों का तत्काल उपचार किया जा रहा है।
जिले के अस्पतालों में सर्पदंश के मरीजों की संख्या:
सदर अस्पताल, पाकुड़ – 168 मरीज
सीएचसी हिरणपुर – 0 मरीज
सीएचसी लिट्टीपाड़ा – 1 मरीज
सीएचसी आमड़ापाड़ा – 2 मरीज
सीएचसी महेशपुर – 3 मरीज
सीएचसी पाकुड़िया – 6 मरीज
कुल मरीज : 180
सर्पदंश से मौत : शून्य
अंधविश्वास से बढ़ जाता है खतरा
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जागरूकता की कमी के कारण कई लोग आज भी सांप काटने के बाद पहले झाड़-फूंक या घरेलू उपचार का सहारा लेते हैं। इससे उपचार में देरी होती है और मरीज की हालत गंभीर हो सकती है। ऐसे मामलों में अस्पताल पहुंचने तक काफी समय निकल जाने से चिकित्सकों को भी इलाज में कठिनाई होती है।
क्या बोले सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. सुरेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि सर्पदंश के बाद समय पर अस्पताल पहुंचना ही सबसे प्रभावी उपचार है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है और मरीजों के इलाज की पूरी व्यवस्था की गई है।
उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी कई लोग पहले झाड़-फूंक का सहारा लेते हैं, जिससे मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है। सांप काटने की स्थिति में किसी भी प्रकार के अंधविश्वास में न पड़ें और पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल लेकर जाएं। समय पर इलाज मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से विशेष रूप से बारिश के मौसम में खेतों, बगीचों और झाड़ियों वाले क्षेत्रों में काम करते समय सावधानी बरतने तथा सर्पदंश की स्थिति में बिना देर किए अस्पताल पहुंचने की अपील की है।


