नई दिल्ली । आजकल नींद की कमी, तनाव, स्क्रीन टाइम और असंतुलित दिनचर्या के कारण आंखों के नीचे डार्क सर्कल्स होना आम बात हो गई है। आंखों के ये काले घेरे आपकी थकान और उम्र को भी बढ़ा-चढ़ाकर दिखाते हैं। आयुष मंत्रालय के अनुसार, नियमित योग अभ्यास शरीर और मन को संतुलित रखने के साथ-साथ त्वचा की सेहत में भी सुधार लाता है।
योग के कुछ विशेष आसन आंखों के आसपास के क्षेत्र में रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं, जिससे त्वचा में ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है। इससे त्वचा की चमक लौटती है और डार्क सर्कल्स धीरे-धीरे कम हो जाते हैं। इनमें सबसे प्रभावी आसनों में से एक है लायन पॉश्चर (सिंहासन)। इस आसन में जीभ को बाहर निकालते हुए गले से आवाज निकालना शामिल है। यह क्रिया चेहरे की मांसपेशियों को सक्रिय करती है, तनाव कम करती है और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ाती है। परिणामस्वरूप आंखों के नीचे की त्वचा को नई ऊर्जा और चमक मिलती है।
इसी तरह सर्वांगासन भी एक अत्यंत लाभकारी योग मुद्रा है, जो शरीर में रक्त प्रवाह को ऊपर की ओर ले जाती है। जब सिर नीचे और पैर ऊपर होते हैं, तो चेहरे और आंखों के क्षेत्र में अधिक रक्त संचार होता है, जिससे थकान दूर होती है और त्वचा में ताजगी आती है। यह आसन न केवल काले घेरे कम करने में मदद करता है, बल्कि तनाव को भी घटाता है जो डार्क सर्कल्स का एक प्रमुख कारण है।
पर्वतासन, जो वज्रासन की स्थिति में किया जाता है, भी डार्क सर्कल्स कम करने में प्रभावी माना जाता है। यह आसन मस्तिष्क और आंखों के आसपास के क्षेत्र में रक्त संचार को बेहतर करता है। गहरी और नियंत्रित श्वास के साथ इस आसन का अभ्यास शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ाता है, जिससे त्वचा स्वस्थ, हाइड्रेटेड और तरोताजा महसूस होती है। योग तनाव घटाकर आंतरिक संतुलन बढ़ाता है, जो स्वस्थ त्वचा और दमकते चेहरे के लिए सबसे जरूरी तत्व है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोजाना केवल 15 से 20 मिनट योग करने से न केवल चेहरे पर प्राकृतिक चमक आती है, बल्कि आंखों की थकान, सूजन और काले घेरे जैसी समस्याओं से भी राहत मिलती है।


