नांदेड़ । महाराष्ट्र के नांदेड़ में चर्चित नीट पेपर लीक मामले की जांच लगातार गहराती जा रही है। कल सुबह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने नांदेड़ शहर में दो छात्राओं के घर छापा मारकर उनसे और उनके परिजनों से लंबी पूछताछ की। जांच एजेंसी को शक है कि इन छात्राओं के लिए लाखों रुपये देकर नीट का प्रश्नपत्र खरीदा गया था। जानकारी के अनुसार, पुणे स्थित सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारी विनोद चौधरी (आईआरएस) के मार्गदर्शन में जांच टीम नांदेड़ पहुंची। टीम ने शिवाजी नगर और भाग्य नगर पुलिस थाना क्षेत्र में स्थित दो छात्राओं के घरों पर कार्रवाई की। पूछताछ के दौरान सीबीआई अधिकारियों ने कई अहम सवाल किए, जिनमें पेपर कब खरीदा गया, कितनी रकम दी गई, एजेंट कौन था, पेपर कहां मिला और इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल थे, जैसे सवाल शामिल थे। सूत्रों के मुताबिक, नांदेड़ के कुछ और छात्र और उनके अभिभावक भी सीबीआई के रडार पर हैं। सुबह से शुरू हुई पूछताछ देर रात तक चली, जिसके बाद रात करीब साढ़े आठ बजे सीबीआई की टीम लातूर के लिए रवाना हो गई।
कोचिंग क्लास और लातूर कनेक्शन की जांच
सीबीआई अब इस बात की भी जांच कर रही है कि ये दोनों छात्राएं किन कोचिंग क्लासेस से जुड़ी थीं। साथ ही लातूर के शिवराज मोटेगावकर और उसके आरसीसी नेटवर्क से इनके संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी पुणे कनेक्शन की भी गहराई से जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि दोनों छात्राओं के माता-पिता उच्चशिक्षित हैं। संभावना जताई जा रही है कि छात्राओं और उनके अभिभावकों से दोबारा पूछताछ की जा सकती है। इसके लिए सीबीआई टीम फिर से नांदेड़ आ सकती है या उन्हें पुणे तलब किया जा सकता है।
होटल कारोबारी परिवार से भी पूछताछ
इसी जांच के तहत सीबीआई ने पहले नांदेड़ के एक होटल व्यवसायी के घर पर भी छापा मारा था। वहां उसकी बेटी और पत्नी से पूछताछ की गई थी। जांच में सामने आया कि नागपुर के आलोक नामक एजेंट के जरिए करीब 5 लाख रुपये में नीट पेपर खरीदा गया था। सूत्रों के अनुसार, छात्रा को तैयारी के लिए पुणे बुलाया गया था, जहां उसे करीब दो सप्ताह तक रखा गया। इस मामले में होटल व्यवसायी के परिवार से सीबीआई पहले भी दो बार पूछताछ कर चुकी है।
वसमत कनेक्शन भी जांच के दायरे में
सीबीएआई की जांच अब हिंगोली जिले के वसमत तालुका तक पहुंच गई है। हाल ही में एजेंसी ने वहां के एक ग्रामीण डॉक्टर और एक सरपंच से भी पूछताछ की थी। पहले उन्हें नांदेड़ बुलाकर पूछताछ की गई और बाद में आगे की जांच के लिए पुणे ले जाया गया। जांच एजेंसियां अब पूरे पेपर लीक नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


