नई दिल्ली । एप्पल ने भारत में अपने निर्माण और विस्तार की योजनाओं को आगे बढाने का ऐलान किया जबकि चीन ने एप्पल की निर्यात श्रृंखला को लक्ष्य स्थल बनाते हुए उद्योग पर मुहर लगाने की या चिंता जताने की कोशिश की है। फॉक्सकॉन ने भारत सरकार से मदद मांगी है, जबकि विशेषज्ञों का कहना है कि चीन इसमें भारत को स्वास्थ्य क्षेत्र में एक वैश्विक विनिर्माण हब बनाने की चुनौती दे रहा है। चीन ने एप्पल के लिए जरूरी निर्माण उपकरणों की शिपमेंट में देरी शुरू कर दी है, जिससे उत्पादन को बाधित किया जा सकता है। इससे नए आइफोन मॉडल्स के ट्रायल रन के लिए चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। इस मामले पर भारत सरकार सतर्क है और एप्पल की समस्या को हल करने के लिए कार्रवाई करने के लिए कूटनीतिक स्तर पर कदम उठा सकती है। चीन की यह कार्रवाई वैश्विक व्यापार संबंधों में नई चुनौतियों को भी उत्पन्न कर सकती है।
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