दुमका | दिसोम मरांग बुरु संताली अरिचाली आर लेगचर अखड़ा ने दुमका प्रखंड के हिजला गांव में मांझी बाबा व प्रधान सह अखड़ा के सचिव सुनिलाल हांसदा के अध्यक्षता में पाकुड़ जिला के केकेएम कॉलेज के छात्रावास में पाकुड़ पुलिस द्वारा आधी रात को सोये हुए आदिवासी छात्रों की बर्बरतापूर्ण पिटाई को लेकर कुल्ही दुरूह की गई| बैठक में अखड़ा और ग्रामीणों ने आदिवासी छात्रों की बर्बरतापूर्ण पिटाई की घोर निंदा की | अखड़ा और ग्रामीणों ने पाकुड़ पुलिस के कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आदिवासी छात्र कोई आंतकवादी या माओवादी नहीं है, जो मध्य रात्रि में इस तरह की बर्बरतापूर्ण कार्यवाहीं की गई| पुलिस द्वारा छात्रों को सिर्फ हाथ पैर में ही नहीं पीटा गया बल्कि छात्रों के माथा को भी निशाना बनाकर पिटा गया, जो बहुत ही खेद का विषय है| अखड़ा और ग्रामीण हेमन्त सोरेन सरकार से मांग करती है कि घायल छात्रों को दो-दो लाख रुपया कर मुआवजा दिया जाय और दोषी पुलिस कर्मियों पर कठोर कार्यवाहीं की जाए| अखड़ा और ग्रामीणों ने कहा कि यह अबुआ दिसोम अबुवा राज प्रतीत नहीं हो रहा क्योंकि वर्तमान में आदिवासियों पर अत्यचार और शोषण बढ़े है| इस पर चिंता व्यक्त करते हुए अखड़ा और ग्रामीणों ने सरकार को चेताया कि राज्य में आदिवासियों का शोषण और उनपर अत्यचार कम हो, नहीं तो मजबूरन अखड़ा और आदिवासी समाज सड़क पर उतरकर आन्दोलन करने के लिए मजबूर होगा| मौके पर देवी सोरेन,रुबिलाल हांसदा,अर्जुन हांसदा,सुनिलाल हेम्ब्रम,सनत हांसदा,प्रिंस मरांडी,बुदिलाल मरांडी,छोटो किस्कु,पौलुस हांसदा,कदरा टुडु,रामेश्वर हांसदा,सुशील हांसदा आदि उपस्थित थे|
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


