रानीश्वर। झारखण्ड राज्य की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना’ में एक बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ है। उपायुक्त, दुमका के कड़े निर्देशों के बाद रानीश्वर प्रखंड विकास पदाधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने शनिवार को विभिन्न पंचायतों में औचक सत्यापन अभियान चलाया। इस जांच में यह चौंकाने वाला सच सामने आया कि रेलवे कर्मचारी, सरकारी शिक्षक और अन्य संपन्न परिवारों की महिलाएं गलत तरीके से इस योजना का लाभ ले रही थीं, जबकि वे इसके लिए बिल्कुल भी योग्य नहीं हैं।
प्रशासन ने इस गड़बड़झाले पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाते हुए सभी फर्जी लाभुकों को वसूली का नोटिस थमा दिया है।
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जांच में सामने आए फर्जीवाड़े के मुख्य मामले
बीडीओ के सत्यापन के दौरान कई ऐसे रसूखदार और संपन्न परिवारों का खुलासा हुआ, जो गरीबों के हक़ पर डाका डाल रहे थे:
रेलवे कर्मचारी की पत्नी ले रही थी मुफ्त अनाज और सम्मान राशि
हरिपुर पंचायत के पुतका ग्राम निवासी तापस दास रेलवे विभाग आसनसोल में कार्यरत हैं। इसके बावजूद उनकी पत्नी मीतू कुमारी न केवल ‘मंईयां सम्मान योजना’ का पैसा ले रही थीं, बल्कि उनके पास लाल राशन कार्ड भी मिला, जिससे वे हर महीने सरकारी अनाज भी उठा रही थीं।
सरकारी शिक्षक की पत्नी ने बनवाया ग्रीन राशन कार्ड
बिलकांदी पंचायत के जयतारा ग्राम के रहने वाले पार्थप्रतिम गोस्वामी पेशे से एक सरकारी शिक्षक हैं। उनकी पत्नी शिल्पी चक्रवर्ती ने भी गलत तरीके से ‘ग्रीन राशन कार्ड’ बनवाकर योजना का लाभ लेना शुरू कर दिया था।
दक्षिणजोल में भी शिक्षक की पत्नी बनी लाभुक
दक्षिणजोल पंचायत के ग्राम सुगानजुरी की रिया घोष, जिनकी शादी एक सरकारी शिक्षक से हुई है, वे भी इस योजना का अवैध रूप से लाभ उठाती पाई गईं।
राशन कार्ड का खेल और दो मंजिला मकान
पत्थरा पंचायत की रीमा चन्द्रा का मामला सबसे हैरान करने वाला रहा। योजना का लाभ लेने के लिए इन्होंने पहले पति शुभंकर नन्दन के ‘लाल राशन कार्ड’ का इस्तेमाल किया। लाभ शुरू होने के बाद चालाकी से अपना नाम वहां से हटाकर खुद का ‘ग्रीन राशन कार्ड’ बनवा लिया। जांच में पता चला कि दोनों पति-पत्नी एक ही साथ एक आलीशान दो मंजिला पक्के मकान में रहते हैं और हर महीने राशन भी उठा रहे थे।
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इन पर भी- गिरी गाज
मुख्य मामलों के अलावा जांच टीम ने यह भी पाया कि कई अन्य सरकारी और संविदा कर्मी के परिवार भी इस योजना में सेंधमारी कर रहे थे। इनमें शामिल हैं:
दो पारा शिक्षकों की पत्नियां
चार पोषण सखियां
एक एएनएम
एक चौकीदार की पत्नी
प्रशासन की सख्त कार्रवाई
इस खुलासे के बाद रानीश्वर बीडीओ राजेश कुमार सिन्हा ने सख्त कदम उठाए हैं:
1. लाभ पर तत्काल रोक: सभी चिन्हित फर्जी लाभुकों के खाते में जाने वाली सम्मान राशि पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
2. वसूली का नोटिस: गलत तरीके से योजना का पैसा लेने और अवैध रूप से लाल/ग्रीन राशन कार्ड बनवाकर अनाज उठाने के जुर्म में इन सभी को राशि वसूली का नोटिस निर्गत किया जा रहा है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से फर्जी तरीके से सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे लोगों में हड़कंप मच गया है। उपायुक्त के निर्देशानुसार आगे भी अन्य पंचायतों में यह सघन जांच अभियान जारी रहेगा।


