अमिता रक्षित 2008 से 2018 तक लगातार दो टर्म दुमका नगर परिषद की अध्यक्ष रह चुकी हैं।2018 के नगर निकाय चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में अध्यक्ष पद का चुनाव हार गई थीं।2026 में वे एक बार फिर से अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ रही है।गैर-दलीय आधार पर हो रहे नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने उन्हें समर्थन दे रखा है।प्रस्तुत है,अमिता रक्षित के साथ हमारे संताल परगना ब्यूरो प्रभारी सुमन सिंह की बातचीत के प्रमुख अंश-
◆सवाल : चुनाव प्रचार अंतिम दौर में है।जनता का कितना रिस्पॉन्स मिल रहा है?
अमिता रक्षित : जनता का अपार समर्थन मिल रहा है।चुनाव मैदान में मैं एक मात्र महिला प्रत्याशी हूं।इसलिए महिलाओं का समर्थन तो मिल ही रहा है,युवा एवं सभी वर्ग के लोग मुझे समर्थन दे रहे हैं।
◆सवाल : दुमका की जनता आपको क्यों वोट देगी?
अमिता रक्षित : अध्यक्ष के रूप में मेरे दो कार्यकाल में जो काम हुए हैं,उसके आधार पर लोग मुझे वोट देंगे।पैसा से वोट नहीं मिलता है।लोग यह देखते हैं कि कौन जनप्रतिनिधि मेरे सुख-दुख में खड़ा रहते हैं।मैं पद पर थी तब भी और नहीं थी तब भी दुमकावासियों के सुख-दुख में रात के 2 बजे भी खड़ी रही हूं।24 घन्टे जनता के सेवा में रहने के कारण लोग मुझे वोट देंगे।
◆सवाल:आपको भाजपा ने समर्थन दिया है।इसका आपको कितना लाभ मिल रहा है?
अमिता रक्षित : भाजपा का समर्थन बहुत बड़ी बात है।नरेंद्र मोदी जी विश्व के नेता हैं।मोदी जी का मुझे आशीर्वाद मिला जो मेरे लिए बहुत बड़ी उपलब्धि है।यह मेरे लिए प्लस ही प्लस है।
◆सवाल:आपके पिछले कार्यकाल को लेकर आप पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगाए जा रहे हैं।इस पर आपको क्या कहना है?
अमिता रक्षित : राजनीति में उतरे हैं तो आरोप-प्रत्यारोप स्वाभाविक है।सिर्फ आरोप लगा देने से नहीं होगा।आरोप लगाने वाले साबित कर के दिखाएं।मेरे पिछले कार्यकाल के जो भी आरोप हैं,सभी की जांच हो चुकी है।हर जांच में मुझे क्लीन चिट मिला है।
◆सवाल:चुनाव जीतने के बाद आप पहला काम क्या करेंगी?
अमिता रक्षित : दुमका शहर को क्लीन सिटी-ग्रीन सिटी बनाना मेरा लक्ष्य है।सबसे पहले मैं पेयजल की समस्या दूर करूंगी।पानी के लिए शहर में हाहाकार मचा हुआ है।मेरे कार्यकाल के बाद होल्डिंग टैक्स और पानी टैक्स में भारी वृद्धि कर दी गई है।मैं जीती तो दोनों टैक्स में कमी कर जनता को राहत दूंगी।


