◆प्री-पोस्ट परीक्षा के साथ गोपनीय कार्य भी संभालेगी चयनित एजेंसी
विशेष संवाददाता
दुमका। परीक्षा प्रणाली में सुधार की लगातार उठ रही मांगों के बीच सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय ने परीक्षा संबंधी कार्यों के लिए नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।एसकेएमयू ने प्रतिष्ठित और अनुभवी फर्मों से सीलबंद टेंडर आमंत्रित किया है। चयनित एजेंसी परीक्षा से जुड़े प्री-एग्जामिनेशन और पोस्ट-एग्जामिनेशन कार्यों के अलावा गोपनीय परीक्षा कार्य भी करेगी।ओएमआर एवं बारकोडेड उत्तरपुस्तिकाओं के माध्यम से होने वाली परीक्षाओं से संबंधित कार्य भी एजेंसी करेगी।विश्वविद्यालय ने टेंडर में भाग लेने वाली फर्मों के लिए कम से कम पांच वर्ष का अनुभव अनिवार्य किया है। ऐसी प्रतिष्ठित और अनुभवी फर्मों को ही प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया गया है, जिन्हें विश्वविद्यालय स्तर पर परीक्षा संबंधी कार्यों का पर्याप्त अनुभव हो।टेंडर में झारखंड और बिहार के सरकारी विश्वविद्यालयों में परीक्षा कार्य करने वाली एजेंसियों को प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है।विश्वविद्यालय ने एजेंसी चयन के लिए टू-बिड सिस्टम अपनाया है।
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पुरानी एजेंसी का कार्यकाल पूरा, दोबारा निकला टेंडर
विश्वविद्यालय में अब तक परीक्षा संबंधी कार्यों का जिम्मा एनसीसीएफ नामक एजेंसी के पास था। उसका कार्यकाल पूरा होने के बाद नई एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू की गई है। विश्वविद्यालय सूत्रों के अनुसार कुछ माह पूर्व भी इस कार्य के लिए टेंडर आमंत्रित किया गया था, लेकिन उस समय केवल एक एजेंसी ने ही टेंडर दाखिल किया था। पर्याप्त प्रतिस्पर्धा नहीं होने के कारण अब विश्वविद्यालय ने दोबारा टेंडर जारी किया है।टेंडर की विस्तृत शर्तें, पात्रता, नियम एवं अन्य आवश्यक जानकारी विश्वविद्यालय द्वारा जारी टेंडर दस्तावेज में दी गई है।
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परीक्षा व्यवस्था में सुधार की चुनौती
SKMU में परीक्षा व्यवस्था को लेकर समय-समय पर छात्र संगठनों की ओर से अक्सर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में नई एजेंसी का चयन विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, एजेंसी चयन के बाद परीक्षा कार्यों की निगरानी और उसकी जवाबदेही भी उतनी ही महत्वपूर्ण होगी।


