नई दिल्ली । त्योहारी सीजन से पहले लगातार बढ़ती चीनी की कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। सरकारी सूत्रों के अनुसार सरकार एथेनॉल उत्पादन में गन्ने के इस्तेमाल को सीमित करने पर विचार कर रही है ताकि बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाई जा सके और दाम काबू में रहें। पिछले एक महीने में चीनी के दाम लगभग 10 फीसदी बढ़कर कई स्थानों पर 50 रुपए प्रति किलोग्राम से अधिक हो गए हैं।
त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग और महाराष्ट्र-कर्नाटक जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में कम बारिश से आगामी उत्पादन प्रभावित होने की आशंका के मद्देनजर सरकार सक्रिय हुई है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार चीनी मिलों को गन्ने के रस और बी-हेवी मोलसेस से एथेनॉल बनाने से रोक सकती है। इसके बजाय, उन्हें केवल सी-हेवी मोलसेस से एथेनॉल बनाने की अनुमति मिलेगी, जिसमें चीनी की मात्रा कम होती है। वर्तमान में, चालू सीजन में करीब 30 लाख मीट्रिक टन चीनी एथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट की गई है। यदि यह प्रतिबंध लागू होता है, तो इतनी अतिरिक्त चीनी बाजार में उपलब्ध होगी, जिससे कीमतों में गिरावट आने की उम्मीद है और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।


