नई दिल्ली । फरवरी 2026 में शुरू हुए ईरान-अमेरिका युद्ध ने सिर्फ वैश्विक शांति ही भंग नहीं की, बल्कि भारतीय रसोई के बजट को भी बुरी तरह प्रभावित किया है। पिछले पांच महीनों से देश का आम आदमी कमरतोड़ महंगाई की मार झेल रहा है, और अब उपभोक्ता मामले विभाग की ताजा रिपोर्ट ने चिंताएं और बढ़ा दी हैं। साल 2026 की शानदार शुरुआत के बाद, देश का दूसरा महीना आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बन गया था, और फिलहाल राहत दूर-दूर तक नजर नहीं आ रही है।
प्राइस मॉनिटरिंग सिस्टम की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच महीनों में राशन की लगभग 99 प्रतिशत वस्तुओं की कीमतों में भारी इजाफा दर्ज किया गया है। खाने-पीने की मुख्य 36 चीजों में से 35 के दाम बढ़ चुके हैं, जिनमें खाने का तेल और दालें सबसे तेजी से महंगी हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दालों के दामों में उछाल का एक बड़ा कारण इस बार का कमजोर मानसून भी है। जुलाई के अंत तक खरीफ दालों की फसल पिछले साल के मुकाबले लगभग 7 प्रतिशत कम रही है, जिससे देश में दालों का उत्पादन घटा है और आयात पर निर्भरता बढ़ी है। आम जनता की मुसीबतें यहीं खत्म होती नहीं दिख रहीं हैं। सावन के बाद राखी, जन्माष्टमी, गणेश चतुर्थी, नवरात्रि, दशहरा और दीवाली जैसे बड़े त्योहार आने वाले हैं। त्योहारों के दौरान बाजार में खाने-पीने की चीजों की मांग काफी बढ़ जाती है। बाजार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि वैश्विक स्तर पर ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण बने हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले त्योहारी सीजन में महंगाई का ग्राफ और भी ऊपर जाएगा, जिससे आम आदमी का बजट पूरी तरह चरमरा सकता है।


