जामताड़ा : लीलावती निवास जामताड़ा चंदन लाज के पास पहली बार बच्चों का इनट्यूशन प्रोसेस कार्यशाला का बड़े ही उत्साह के साथ तथा बच्चों की मस्ती भरा भाव भंगिमा से कार्यशाला का समापन किया गया। इस संबंध में धनबाद शहर से आए प्रशिक्षक श्री मयंक सिंह जी ने बताया की इनट्यूशन प्रक्रिया यानी प्रज्ञा योग वह प्रक्रिया है जो बच्चों को उनके अंदर छिपे हुए अंतर भाव से वह सारी जानकारी बता सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया का माध्यम से हम बच्चों में एक सिद्धि का जागरण करते हैं जिसके जरिए उनके आंखों में पट्टी बांधकर भी बच्चे कोई भी वस्तु के उनके रंग तथा कोई भी चीज को पढ़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस प्रक्रिया के माध्यम से बच्चों में अंतर ज्ञान प्रबल होती है जिसके कारण वह अपने जीवन में सही दिशा क्या है इसका जानकारी उन्हें सहज ही मिल जाता है। इसके जरिए उन्हें अपनी जीवन में तथा समाज के कल्याण में एक जीपीएस की तरह दिशा बताते हैं। इस संबंध में आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक रेनू पद पात्र तथा रुन्टी चंद्रा हमें बताया कि प्रज्ञा योग कार्यशाला के माध्यम से बच्चों के छठी इंद्रियां का आभास होता है जिसके जरिए वह कोई भी खोया हुआ वास्तु का पता लगता है साथी ही वह अपने जीवन के सुधार के साथ दूसरे के कल्याण में अपना सहयोग देते हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से बच्चों में जानने की शक्ति का उजागर होता है। इस पूरा कार्यशाला को हमारे आर्ट ऑफ़ लिविंग सभी सक्रिय कार्यकर्ताओं सर्वश्री ओमप्रकाश चौधरी अजय चांद संजीव कुमार सिंह नंदन झा अशोक अग्रवाल राजेश चौधरी कर्मवीर कुमार लीलावती देवी अनीता अग्रवाल सुनीता चौधरी विनती देवी मधु आदर्सी ने हमें भरपूर सहयोग किया।
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