पलामू । सोन नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि को देखते हुए पलामू जिले हुसैनाबाद क्षेत्र में प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों, किसानों और पशुपालकों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पिछले दिन विभिन्न बराज एवं जलाशयों से करीब दो लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी सोन नदी में पहुंचने के बाद नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि दर्ज की गई। इससे सोन तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है।
हुसैनाबाद प्रखंड के सोनपुरवा, देवरी खुर्द, देवरी कला, बुधुआ, बड़ेपुर और दंगवार समेत कई गांवों में सोन नदी के किनारे भूमि कटाव जारी है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से नदी के कटाव से बचाव के लिए तटबंध निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा भी कई बार आवाज उठाए जाने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। सोन नदी के बीच कई स्थानों पर बालू के ऊंचे टीले हैं। इन टीलों पर स्थानीय और कुछ बाहरी किसान परवल, खीरा समेत विभिन्न मौसमी सब्जियों की खेती करते हैं और कुछ लोग मवेशी भी रखते हैं।
जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने ऐसे लोगों को समय रहते नदी के बीच स्थित टीलों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर लौटने की सलाह दी है। स्थानीय लोगों के अनुसार कई किसान नाव के सहारे अपनी खेती और सामान लेकर वापस लौटने लगे हैं। हालांकि कुछ लोग फसल बचाने और मवेशियों की देखभाल के लिए अभी भी नदी के बीच मौजूद हैं। सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता अजय कुमार सिंह ने मंगलवार को कहा कि फिलहाल घबराने की आवश्यकता नहीं है। जलस्तर नियंत्रण में है और वर्तमान स्थिति स्थिर बनी हुई है।
नॉर्थ कोयल समेत अन्य जलाशयों से करीब दो लाख क्यूसेक अतिरिक्त पानी सोन नदी में पहुंचने के कारण जलस्तर में वृद्धि हुई थी।
फिलहाल स्थिति सामान्य नियंत्रण में है। हालांकि सोन नदी के बीच स्थित ऊंचे स्थानों तथा नदी के किनारे रहने वाले लोगों को एहतियातन अलर्ट किया गया है। बरसात के मौसम में जलाशयों में पानी बढ़ने के साथ अतिरिक्त पानी को सोन नदी में छोड़ा जाता है। इंद्रपुरी स्थित सोन बराज से भी अतिरिक्त पानी को विभिन्न नहरों में छोड़े जाने की प्रक्रिया जारी है।
ऐसे में सोन नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जा रही है।सोन नदी का बहाव आगे बिहार के रोहतास जिले की ओर जाता है। इंद्रपुरी बराज और अन्य जल स्रोतों से पानी छोड़े जाने का असर रोहतास के सोन तटीय इलाकों पर भी पड़ सकता है। हालांकि फिलहाल किसी बड़े खतरे की स्थिति नहीं बताई गई है, लेकिन जलस्तर में अचानक वृद्धि की संभावना को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों और नदी के बीच खेती करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में नदी के बीच बने टीलों, निचले इलाकों और कटाव प्रभावित क्षेत्रों में जाने से बचें तथा किसी भी तरह की सूचना मिलने पर तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर चले जाएं।


