संताल एक्सप्रेस संवाददाता
पाकुड़। शहर के रेलवे स्टेशन निकट गांधी चौक के समीप सड़क दुर्घटना में स्कूटी सवार 22 वर्षीय तलवाडंगा निवासी मृदुल मृदु चंद्र की दर्दनाक मौत डीपीएस स्कूल के बस के चपेट में आने से मंगल सुबह 8:30 बजे मौके पर ही हो गई।
कहां से आ रही थी बस और कहां जा रही थी
प्राप्त जानकारी के अनुसार डीपीएस स्कूल की एक स्कूल बस अपने दैनिक दिनचर्या के अनुसार फाटक पार से स्कूल के बच्चों को उठाते हुए अपने स्कूल की ओर आगे बढ़ रहा था ।इस क्रम में स्कूटी सवार मृदुल बस को ओवरटेक करने का प्रयास में उसका संतुलन बिगड़ गया और बस के पिछले पहिए के नीचे गीर पड़ा जिससे उसकी सर में गंभीर चोट आई वह मौके पर ही दम तोड़ दिया।
बेटा डिलीवरी बॉय माता करती है भगवान की सेवा
तलवाडंगा निवासी स्वर्गीय मृदुल एक गरीब परिवार से हैं। किसी प्रकार अपने परिवार का भरण पोषण करते थे। पिता ब्लॉक के पास गुमटी में पान बेचते हैं। उनकी माता जी तलवाडंगा स्थित जटाधारी मंदिर में भगवान की सेवा करती हैं। इनके एक पुत्र और एक पुत्री है। मृदुल डिलीवरी बॉय था जबकि बहन की शादी हो चुकी है।
चारों ओर आग ही आग, पाकुड़ हुई अस्त व्यस्त
हादसे की खबर फैलते ही आसपास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग गांधी चौक पर पहुंच गए। स्कूल बस से एक-एक बच्चे को सुरक्षित स्थान अथवा स्कूल भेजा। लोगों ने गांधी चौक पर सड़क जाम कर दिया। सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजना चाहा किंतु जबरदस्त विरोध होने के कारण शव को उठा नहीं सकी । लोग मुआवजा की राशि और ड्राइवर की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े थे।
जैसे-जैसे हो रही थी देर लोगों का गुस्सा हो रहा था बेकाबू
10:00 बजे तक किसी भी प्रकार की बात नहीं बनने पर लोग पूरी तरह से आक्रोशित हो गए। लोगों ने प्रशासन के विरुद्ध नारा लगाते हुए स्टेशन रोड, तांतीपाड़ा, अंबेडकर चौक, नगर थाना के सामने, भगत पाड़ा, बस स्टैंड के समीप , तलवाडंगा आदि को
बांस बल्ला से पूरी तरह से सील कर दिया। और जगह-जगह आग लगाकर जबरदस्त विरोध किया । नगर थाना के सामने टायर जलाकर प्रशासन की विरुद्ध नई लगाएं। देखते ही देखते पूरी बाजार बंद हो गई।
शहर में रहा अफरा तफरी का माहौल, वाहन सेवाएं पूरी तरह ठप
विरोध इतना जबरदस्त था की देखते ही देखते पूरा पाकुड़ शहर बंद हो गया। सभी दिशाओं से आवागमन बाधित हो गई। केवल एंबुलेंस को आने-जाने दिया जा रहा था। लोग पैदल जा रहे थे। शहरों में ऑटो टोटो सेवा तीन बजे तक लगभग बंद रही। पूरी तरह से अफरा तफरी का माहौल हो गया। लोगों ने जुलूस निकालते हुए डीपीएस स्कूल के पास पहुंचे एवं धरने पर बैठ गए। तथा मुआवजा की मांग करनेलगे। लगभग 2 :45 बजे भीड़ ने फिर से नगर थाना के सामने दुबारा रोड पर आग लगा दी। नगर थाने की पुलिस ने तुरंत आग पर काबू पाया और 3 बजे बास बल्ला को हटा दिया। घटना की सूचना मिलते ही एसडीओ साइमन मरांडी ,एसडीपीओ डीएन आजाद , अंचल अधिकारी अरविंद बेदिया, नगर थाना प्रभारी अनिल गुप्ता सदल बल पर पहुंचकर लोगों को समझने का प्रयास कर किया मृतक के परिजन 50 लाख रुपये मुआवजे की मांग को लेकर अड़े रहे, जिस प्रशासन और स्कूल प्रबंधन के साथ लंबी वार्ता चली।
हेलमेट रहने से बच सकती थी जान
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि युवक के पास माथे में हेलमेट रहता तो उसकी जान बच सकती थी। हेलमेट नहीं रहने के कारण उसका सर बुरी तरह से कुचल गया था।
क्या कहते हैं बुद्धिजीवी,
यदि शहर के आम नागरिक बुद्धिजीवी की माने तो पाकुड़ प्रशासन पूरी तरह से फेल है, कहीं भी नियमवध कार्य नहीं हो रहे हैं। ट्रैफिक व्यवस्था का हाल बहुत बुरा है। पुराना संग्रहालय स्थित चौक पर जहां कभी भीड़ नहीं होती वहां 24 घंटा ट्रैफिक पुलिस है। किंतु गांधी चौक, इंदिरा चौक, अंबेडकर चौक हरिन चौक आदि पर उचित ट्रैफिक व्यवस्था नहीं है।
वार्ता के बाद हटा जाम
डीपीएस स्कूल के पास हुए हंगामे के बाद प्रशासन ,स्कूल प्रबंधन और मृतक के परिजनों के बीच सफल वार्ता हुई। सहमति के अनुसार पीड़ित परिवार को 5 लाख रुपये का मुआवजा ,मृतक की बहन को दिल्ली पब्लिक स्कूल में नोकरी और पिता को पेंशन देने का आश्वासन दीया गया। इसके बाद शहर से जाम हटाया गया और स्थति सामान्य हुई।


