विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने कहा, राजनीति में बराबरी का अधिकार जरूरी
शेखर सुमन
देवघर। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होने पर विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने नाराजगी और निराशा व्यक्त की है। महिलाओं का कहना है कि आज वे हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं, लेकिन राजनीति में उन्हें अब भी बराबरी का अवसर नहीं मिल पा रहा है। अलग-अलग महिलाओं ने इस मुद्दे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए महिला आरक्षण को लोकतंत्र की मजबूती के लिए जरूरी बताया।
————————————————————————————————————-
महिला आरक्षण महिलाओं के अधिकारों से जुड़ा विषय : मीनाक्षी मुर्मू
अधिवक्ता मीनाक्षी मुर्मू ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का पारित नहीं होना निराशाजनक है। आज महिलाएं शिक्षा, न्याय, प्रशासन और राजनीति हर क्षेत्र में अपनी योग्यता सिद्ध कर रही हैं, फिर भी उन्हें राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बराबरी का अवसर नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को इस विषय पर पुनर्विचार कर जल्द महिला आरक्षण सुनिश्चित करना चाहिए।
————————————————————————————————————-
राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना आवश्यक : निर्मला देवी, गृहणी
गृहणी निर्मला देवी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में सशक्त भागीदारी दिलाने का माध्यम बन सकता था। इसके पारित नहीं होने से महिलाओं की उम्मीदों को झटका लगा है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बराबरी सुनिश्चित करने के लिए महिला आरक्षण जरूरी है।
————————————————————————————————————-
लोकतंत्र की मजबूती के लिए महिला आरक्षण जरूरी : ममता कुमारी
शिक्षिका ममता कुमारी ने कहा कि जब महिलाएं शिक्षा और प्रशासन में उत्कृष्ट कार्य कर रही हैं तो राजनीति में उनके लिए आरक्षण की व्यवस्था होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम होता।
————————————————————————————————————-
महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों की अनदेखी दुर्भाग्यपूर्ण : पूजा यादव
छात्रा पूजा यादव ने कहा कि लोकसभा में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं होना महिलाओं के अधिकारों के प्रति उदासीनता को दर्शाता है। महिलाओं ने हर क्षेत्र में अपनी मेहनत और क्षमता साबित की है, फिर भी राजनीति में उन्हें बराबर अवसर नहीं मिल रहे हैं।
————————————————————————————————————-
महिलाओं को नीति निर्माण में भागीदारी मिलनी चाहिए : कंचन कुमारी
गृहणी कंचन कुमारी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल का पारित न होना महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में निराशाजनक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को नीति निर्माण और नेतृत्व में उचित प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, तभी समाज और लोकतंत्र मजबूत होगा।
————————————————————————————————————-
महिला आरक्षण से लोकतंत्र और मजबूत होगा : अनीता कुमारी, अधिवक्ता
अधिवक्ता अनीता कुमारी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल महिलाओं को नेतृत्व के अधिक अवसर प्रदान करता और लोकतंत्र को मजबूत बनाता। उन्होंने कहा कि सरकार को महिलाओं की आकांक्षाओं को समझते हुए महिला आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए गंभीर प्रयास करना चाहिए।


