जितेन्द्र दास
पाकुड़। महिला आरक्षण विधेयक ( संविधान संशोधन बिल) पास नहीं हुआ। 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में इस बिल पर वोटिंग हुई इसके पक्ष में वोटिंग पड़े किंतु 2/3 बहुमत नहीं होने से महिला आरक्षण विधायक बिल पास नहीं हो सका।आईए जानते हैं सामान्य महिलाओं की इस पर क्या प्रतिक्रिया है ÷
ऋचा कुमारी जो एमएससी बी एड पढ़ाई कर चुकी है ने कहा कि महिला विधायक बिल पास ना होना बहुत ही निराशाजनक स्थिति है। ऐसा लगता है यह केवल जुमले बाजी ही है। उन्होंने कहा कि इसे सबसे पहले अपने पर लागू करना चाहिए अपने पार्टी पर लागू करना चाहिए ताकि समाज में एक सही संदेश जाए। बिल पास ना होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
-ऋचा कुमारी
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वही गृहणी रिंकी देवी कहती हैं कि आज की महिलाएं पुरुषों से काम नहीं है। प्रधानमंत्री से लेकर राष्ट्रपति तक आईएएस आईपीएस तक महिलाएं काफी तेजी से बढ़ रही है । जीवन के हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़ रही है ऐसे समय में बिल का पास ना होना अत्यंत निराशाजनक और चिंता जनक है।
-रिंकी देवी
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प्रिया देवी एक सामाजिक कार्यकर्ता है इन्होंने कहा कि समाज की आधी अवादी महिलाएं हैं। यदि यह विधायक पास होता तो महिलाओं के लिए रास्ता आसान होता। महिला आरक्षण विधेयक से संतुलन बन सकता था । किंतु इसके पक्ष में वोटिंग ना करना महिलाओं के साथ अन्याय है।
-प्रिया देवी
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सहेली देवी एक ग्रहणी है ।महिला बिल पास न होने से यह बेहद नाराज है । इन्होंने स्पष्ट कहा है की जिन्होंने वोटिंग नहीं दिया सब समझ में आ रहा है। वे महिलाओं को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं ।
-सहेली देवी
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पूर्व मुखिया चित्रलेखा गौड़ ने कहा कि आज की नारी नई ऊंचाइयों को छू रही है। यदि महिला संशोधन बिल आज पास हो जाता है तो महिलाओं को आगे बढ़ाने का रास्ता और करीब होता। किंतु विधेयक पास नहीं हो सका। यह बहुत दुखद स्थिति है।
-पूर्व मुखिया चित्रलेखा गौड़
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मनीषा रविदास महिला विधायक बिल पास न होने से बहुत दुखी है। उन्होंने कहा कि आज नारी अपने बलबूते जीवन के हर क्षेत्र में अपना योगदान दे रही है। और बड़े-बड़े पदों पर सुशोभित है। अगर महिला विधायक बिल पास हो जाता है तो उनके लिए बहुत सारा रास्ता आसान हो जाता है किंतु यह बिल पास नहीं हो सका इसके लिए वोटिंग नहीं करने वाले प्रतिनिधि जिम्मेदार है। आने वाले समय में इन पार्टियों को आइना दिखाना होगा।
-मनीषा रविदास
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आशा देवी एक सफल गृहणी है। इन्होंने कहा कि महिलाएं हिमालय में चढ़ सकती है।चांद पर जा सकती है आईपीएस हो सकती है । राजनीति में जा सकती है। तो फिर महिला विधायक में क्या दिक्कत था। सभी को वोटिंग करना चाहिए था। किंतु नहीं किया और विद्येयक को पास नहीं होने दिया। जनता इसकी जवाब देगी।
-आशा देवी


