साहिबगंज – महिला आरक्षण बिल के लोकसभा में पारित नही होने से आधी आबादी के बीच रोष है.वही महिलाएं इसके लिए राजनेताओं को दोषी ठहराया रही है.महिलाओ ने कहा कि जब अपनी बात आती है तो क्या पक्ष क्या विपक्ष सभी मिलकर एक मत हो जाते है.आज महिलाओं की हक व अधिकार की बात आई तो महिला आरक्षण बिल पारित नही हो सका.देश की आधी आबादी इन राजनेताओं की दोहरा चरित्र देख रही है.समय आने पर जबाब देगी.महिला आरक्षण बिल पारित नही होने पर महिलाओं ने दी अपनी प्रतिक्रिया जो इस प्रकार है.
1.महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होना महिलाओं के लिए दुखद-सरिता
साहिबगंज – लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं हो सका.यह हम महिलाओं के लिए दुखद है.महिलाओं के राजनीति में सशक्त भागीदारी के लिए जो विधेयक लोकसभा में लाया गया वह संख्या बल के आधार पर पारित नहीं हो सका.देश की महिलाओं को राजनीतिक शक्ति प्रदान कर देश में सशक्त बदलाव का बीड़ा भारतीय जनता पार्टी ने उठाया था.लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि संख्या बल के आधार पर विधेयक पारित नहीं हो सका. किंतु विरोधी दलों की मनसा महिला आरक्षण विधेयक को लेकर ठीक नहीं है.यह देश की आधी आबादी देख रही है.
सरिता तिवारी
सचिव, मनोरंजन भोजपुरी साहित्य परिषद
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2.विधेयक महिलाओं को विशेष अधिकार नहीं बल्कि उन्हें उनका उचित स्थान दिलाता- मुस्कान
साहिबगंज –यदि महिला आरक्षण विधेयक पारित हो जाता तो यह केवल एक कानून नहीं बल्कि समाज में समानता की दिशा में एक बड़ा कदम होता.एक महिला के रूप में मेरा मानना है कि इससे महिलाओं को राजनीति में भागीदारी का उचित अवसर मिलता. संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण से महिलाओं की आवाज सीधे निर्णय लेने तक पहुंचती.इसका सबसे बड़ा लाभ यह होता कि महिलाओं से जुड़े मुद्दे जैसे सुरक्षा, शिक्षा और स्वास्थ्य को अधिक गंभीरता से उठाया जाता. साथ ही यह अन्य महिलाओं और लड़कियों के लिए प्रेरणा बनता कि वे भी नेतृत्व की भूमिका निभा सकती हैं.
यह विधेयक समाज में लैंगिक समानता को मजबूत करता और लोकतंत्र को अधिक प्रतिनिधि बनाता.
मेरे लिए यह महिलाओं को विशेष अधिकार देना नहीं बल्कि उन्हें उनका उचित स्थान दिलाना है.
मुस्कान कनोडिया
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3.इतिहास उसे कभी माफ नहीं करेगा- शिव्यांशी सिंह
साहिबगंज – महिला आरक्षण बिल पास नहीं होना यह प्रदर्शित करता है कि आज भी इस देश में महिलाओं के प्रति सम्मान नहीं है. जिन पार्टियों ने इस बिल का खिलाफ किया है. इतिहास उसे कभी माफ नहीं करेगा और आने वाला समय उनके लिए बहुत थी खराब होगा.और देश की महिलाएं समय आने पर वैसे राजनेताओं व राजनीतिक दलों को ईट का जबाब पत्थर से देगी.
शिव्यांशी सिंह
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इतिहास में यह काले अक्षरों में लिखा रहेगा यह दिन -रीमा कुमारी
साहिबगंज – भारत सरकार द्वारा लोकसभा में लाया गया महिला आरक्षण बिल पास नहीं हुआ यह बहुत ही दुखद है. इतिहास में यह काले अक्षरों में लिखा रहेगा.
कहा गया है कि जहां महिलाओं की पूजा होती है. वही ईश्वर का वास होता है.लेकिन यहां तो उलटी गंगा बह रही है.चुनाव के समय हरेक राजनेता व राजनीति पार्टी के लोग महिलाओं को आरक्षण देने, महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं महिलाओं को हरेक प्रकार की सुविधा देने की बात करते हैं. लेकिन आज महिला आरक्षण बिल की बात बात आई तो राजनेताओं की बोलती बंद हो गई.जनता जबाब देगी.
रीमा कुमारी
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….तो भारत कैसे बनेगा विश्व गुरु- प्रेमलता टुडू
साहिबगंज – महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पास नहीं होना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. विश्व गुरु बनने की कल्पना हम करते हैं. लेकिन महिलाओं को सम्मान देने की बारी आती है तो हम पीछे हट जाते हैं.ऐसा दोहरा चरित्र नही चलेगा.आज महिलाएं पुरुष के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है रही बात आरक्षण की तो यह महिलाओं का हक और अधिकार है.जिसे हर हाल में महिलाएं लेकर रहेंगी.
प्रेमलता टुडू
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हम महिलाओं के साथ भेदभाव क्यों-सुनिधि
साहिबगंज – लोकसभा में केंद्र सरकार द्वारा लाए गये महिला आरक्षण बिल पास नहीं होना अत्यंत दुखद है. इसके लिए सीधे तौर पर राजनेता जिम्मेदार हैं. आज महिलाएं किसी से काम नहीं है. हरेक क्षेत्र में हम लोग बराबरी पर चल रही है.फिर भी महिलाओं के साथ भेदभाव क्यों.राजनेता बड़ी-बड़ी बातें करते है. जब हमारे हक की बात होती है तो सभी लोग मिलकर पीछे धकेलना का काम करते हैं. हम महिलाएं अभी भी बहुत पीछे हैं. मेरा मानना है कि महिला आरक्षण बिल को सभी राजनेता मिलकर पास कराएं ताकि हम महिलाओं को आरक्षण का लाभ मिल सके.
सुनिधि
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