टीएमसी के निलंबित विधायक को शंकराचार्य की कड़ी चेतावनी
कोलकात्ता । पश्चिम बंगाल में टीएमसी के निलंबित विधायक हुमाऊं बाबर द्वारा बाबरी मस्जिद की नींव रखने के ऐलान पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की कड़ी चेतावनी दी है। शंकराचार्य ने कहा कि जो भी बाबर के साथ खड़ा होगा, उसके साथ बाबर जैसा ही सलूक होगा। उन्होंने बाबर को आक्रांता (हमलावर) बताया, जिसने भारत पर जुल्म किए। उनका कहना है कि जो कोई भी बाबर से जुड़कर अपनी पहचान बताएगा, उस नेता को भी आक्रांता ही समझा जाएगा और उसी के अनुसार व्यवहार किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें मस्जिद बनाने से कोई आपत्ति नहीं है, और मुसलमानों को अपने ढंग से ईश्वर की आराधना करनी चाहिए। लेकिन बाबर के नाम पर इस स्वीकार्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने कई बार दोहराया कि जो बाबर के साथ खड़ा होगा, उसे बाबर ही समझेंगे और उसके साथ बाबर वाला ही ट्रीटमेंट (व्यवहार) किया जाएगा। शंकराचार्य ने कहा कि मथुरा और काशी की ज़मीनें जिनके लिए हैं, उन्हें उपलब्ध होनी चाहिए।
उन्होंने मुसलमानों से अपील की कि वे बैठकर इस पर विचार करें कि उनके मजहब के अनुसार क्या उचित है। उन्होंने तर्क दिया कि उपासना स्थल धार्मिक कारणों से नहीं, बल्कि राजनीतिक कारणों से तोड़े गए थे, ताकि हनक (दबदबा/धौंस) बनाई जा सके। उन्होंने दावा किया कि इस्लाम किसी के उपासना स्थल को तोड़कर अपना उपासना स्थल बनाने की इजाज़त नहीं देता है। इसलिए, यह काम धार्मिक नहीं, बल्कि राजनीतिक था। उन्होंने कहा कि उनके मजहब के ग्रंथों के अनुसार इसतरह स्थल पर उपासना खुदा को कबूल नहीं है, इसलिए मुसलमानों को इस पर विचार करना चाहिए। शंकराचार्य ने बाबर के नाम पर किसी भी निर्माण या घोषणा को देश पर हमला करने वाले आक्रांता का समर्थन मानना बताया है और इसकी कड़ी निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है, जबकि उन्होंने सामान्य रूप से मस्जिद निर्माण पर आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने मुसलमानों से मथुरा-काशी के मामलों पर भी धार्मिक दृष्टिकोण से विचार करने की अपील की है।


