जाहेर थान, मांझी थान को नहीं मानते हैं उनको जनजाति सूची से बाहर किया जाय: डॉ राजकिशोर हांसदा
रानीश्वर ( दुमका )। प्रखंड के कुमीरदहा पंचायत भवन प्रांगण में जनजाति सुरक्षा मंच की बैठक आयोजित किया गया जिसमे मुख्य अतिथि डॉ राजकिशोर हांसदा उपस्थित हुए जो जनजाति सुरक्षा मंच के राष्ट्रीय सह संयोजक हैं। बैठक जनजाति सुरक्षा मंच के प्रखंड संयोजक सुखनाथ मरांडी की अध्यक्षता मे हुई। रानीश्वर प्रखंड के विभिन्न गाँव से कई जनजाति समाज के लोग उपस्थित हुए। जिसमें कई गाँव के ग्राम प्रधान, नईकी, गुड़ित, कुडम नईकी, और सेकड़ो ग्रामीण उपस्थित हुए। बैठक में जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक माइकल मुर्मू सह संयोजक संतोष पूजहर भी उपस्थित थे । संगठन के कार्य का विस्तार हो इसीलिए आज प्रखंड कमिटी का भी गठन किया गया। कमिटी में सह संयोजक डेविड मुर्मू, संरक्षक रूसो राम मरांडी युवा प्रमुख – कुशल हांसदा खुदीराम मोहली, महिला प्रमुख पावलीन मुर्मू, निधि प्रमुख सुमन घोष को मनोनीत किये अब अगले बैठक मे सभी पंचायतों मे 10 सक्रिय सदस्य बनाने की योजना भी बानी।
डॉ राजकिशोर हांसदा ने बैठक को सम्बोधित करते हुए संगठन के कार्य और उद्देश्य को लोगों के बीच में रखे। उन्होंने बताया की वर्तमान में संगठन के द्वारा पोस्टकार्ड लेखन अभियान चल रहा है जिसमे बताया की पुरे भारत वर्ष से 50 लाख पोस्टकार्ड देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पास भेजना है। और पोस्टकार्ड के माध्यम से ये मांग करना है की जो जनजाति समाज अपने रूढ़ि प्रथा को छोड़ अन्य मजहब में चला गया था जो अपने पूजा स्थल जैसे जाहेर थान, मांझी थान को नहीं मानते हैं उनको जनजाति सूची से बाहर किया जाय या डीलिस्ट किया जाय।
उन्होंने बताया की आज जनजाति समाज को अपना वास्तविक पहचान बचाने की आवश्यकता है नहीं तो जनजाति समाज का मूल पहचान ही खत्म हो जायेगा। इसीलिए उन्होंने कहा की ऐसे जनजाति जो ईसाई या मुसलमान या किसी अन्य मत, मजहब में धर्मान्तरित हो चूका है उनको किसी भी तरह का लाभ न मिले । इसके लिए संविधान की धारा 342 में संशोधन की आवश्यकता है। धारा को संशोधित कर ये सुनिश्चित किया जाय की धर्मान्तरित व्यक्ति को जनजाति के लाभ से वंचित किया जाय। पोस्टकार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री से निवेदन किया जायेगा की यथा शीघ्र जनजाति समाज को न्याय दिया जाय और उनके अधिकारों को सुरक्षित और संरक्षित किया जाय। आने वाले समय में गाँव गाँव में जनजाति समाज को जगाने का काम संगठन करेंगी । जिससे कोई भी धर्मान्तरण न करे और अपने जनजाति परंपरा का संरक्षण कर सके। संगठन आगामी नवंबर दिसंबर तक लाखों जनजाति समाज के लोग दिल्ली कुच करने की भी है योजना बना रही है।जिसमे विशाल आंदोलन किया जायेगा ऐसी जानकारी डॉ हांसदा ने दिया. बैठक में अरविंद मुर्मू जनार्दन मुर्मू बाबूराम मुर्मू सुनीराम टुडू राजकिशोर मरांडी चुंडा हसदा बुद्धिस्म सोरेन और अन्य मुख्य रूप से उपस्थित थे।


