अस्पताल में सांस की दिक्कत वाले मरीजों की संख्या बढ़ी
नई दिल्ली । दिल्ली में वायु गुणवत्ता फिर से लोगों के लिए खतरे का संकेत दे रही है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, मंगलवार सुबह आनंद विहार और गाज़ीपुर में एक्यूआई 383 रिकॉर्ड किया गया, जो गंभीर स्तर के करीब है। अक्षरधाम मंदिर के आसपास भी एक्यूआई 383 दर्ज किया गया, जबकि आईटीओ इलाके में एक्यूआई 331 और इंडिया गेट व कर्तव्य पथ के आसपास 312 रही। सीपीसीबी के अनुसार एक्यूआई 301-400 बहुत खराब और 401-500 गंभीर श्रेणी में आता है। शहर में स्मॉग की मोटी परत देखी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है। अस्थमा और सांस संबंधी समस्याओं वाले लोग विशेष रूप से प्रभावित हैं। हाल ही की स्टडी के अनुसार, दिल्ली के लगभग 22 लाख बच्चों के फेफड़ों को स्थायी नुकसान हो चुका है। अस्पताल सांस की दिक्कत वाले मरीजों से भरे हुए हैं। पार्लियामेंट के विंटर सेशन में विपक्ष ने इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे शर्मनाक स्थिति बताया और कहा कि राजनीतिक मतभेदों को अलग रखते हुए केंद्र और राज्य सरकार को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। विशेषज्ञों का सुझाव है कि प्रदूषण कम करने के लिए वाहनों और उद्योगों पर नियंत्रण, पब्लिक चेतावनी, और एयर प्यूरीफिकेशन जैसे उपाय तुरंत लागू किए जाने चाहिए। राजधानी के नागरिकों को फिलहाल मास्क पहनने और बाहर कम समय बिताने की सलाह दी गई है।


