दुमका। सड़क सुरक्षा माह–2026 के अंतर्गत मंगलवार को दुमका में यातायात जागरूकता का एक अलग और सकारात्मक रूप देखने को मिला। डीसी चौक और गांधी मैदान के समीप जिला प्रशासन ने परंपरागत सख्ती के बजाय गांधीगिरी का मार्ग अपनाते हुए आम लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया।
अभियान के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ने बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चला रहे चालकों को रोका, लेकिन न तो चालान काटा गया और न ही किसी प्रकार की डांट-फटकार की गई। इसके स्थान पर चालकों को फूलों की माला पहनाई गई, तिलक लगाया गया और शालीनता के साथ यह समझाया गया कि उनका जीवन केवल उनका नहीं, बल्कि उनके परिवार और समाज के लिए भी अमूल्य है। उन्हें हेलमेट पहनने की आवश्यकता और उसके महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया।
इसी क्रम में बिना सीट बेल्ट लगाए चारपहिया वाहन चालकों को भी रोका गया और उन्हें सीट बेल्ट को जीवन रक्षक सुरक्षा साधन बताते हुए भविष्य में नियमों का पालन करने की अपील की गई। अधिकारियों ने कहा कि छोटी-सी सावधानी गंभीर दुर्घटनाओं से बचा सकती है।
जागरूकता अभियान के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी ने मानवीय पहल करते हुए दो जरूरतमंद वाहन चालकों को निःशुल्क हेलमेट भी प्रदान किए। उन्होंने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल चालान से बचने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह जीवन की सुरक्षा के सबसे मजबूत साधन हैं। प्रशासन का उद्देश्य जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को सुरक्षित घर तक पहुंचाना है।
इस अवसर पर सड़क सुरक्षा समिति के सदस्य, यातायात विभाग के अधिकारी और समाजसेवी भी उपस्थित थे। सभी ने आम जनता से अपील की कि यातायात नियमों को बोझ या मजबूरी न समझें, बल्कि इसे अपनी दैनिक आदत और जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। अधिकारियों का कहना था कि जनसहयोग से ही दुमका की सड़कों को सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त बनाया जा सकता है।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


