नई दिल्ली। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने शनिवार को देशभर के सभी छोटे बड़े अस्पतालों में बंदी का ऐलान किया है। डॉक्टर 24 घंटे के लिए हड़ताल पर गए है। इसकी जानकारी आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरवी अशोकन ने दी। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं चालू रहेंगी, लेकिन ओपीडी के साथ बाकी सेवाएं बंद रहेंगी। कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में ट्रेनी डॉक्टर के साथ रेप और मर्डर की घटना के विरोध में देश भर के डॉक्टर आक्रोशित हैं।
क्या है हड़ताली डॉक्टरों की पांच मांग
आईएमए ने रेजिडेंट डॉक्टरों के काम करने और रहने की स्थिति में बदलाव की मांग की है। इसमें 36 घंटे की ड्यूटी शिफ्ट और आराम के लिए सुरक्षित जगहों की कमी जैसे मुद्दे शामिल हैं।
आईएमए ने एक केंद्रीय कानून की मांग की है जिसमें 2023 में महामारी रोग अधिनियम, 1897 में किए गए संशोधनों को शामिल किया जाए। ऐसा माना जा रहा है कि इससे 25 राज्यों में मौजूदा कानून और मजबूत हो सकते है।
डॉक्टरों के संगठन ने अपराध की एक निश्चित समय-सीमा के भीतर सावधानीपूर्वक और पेशेवर जांच और न्याय दिलाने की मांग की है। इसके साथ ही 14 अगस्त की रात आरजी कार अस्पताल परिसर में तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान करने और उन्हें कड़ी सजा देने की मांग की है।
आईएमए ने कहा, सभी अस्पतालों के सुरक्षा प्रोटोकॉल किसी हवाई अड्डे से कम नहीं होने चाहिए। अस्पतालों को अनिवार्य सुरक्षा अधिकारों के साथ सुरक्षित क्षेत्र घोषित करे है। सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा कर्मियों की तैनाती और प्रोटोकॉल का पालन किया जा सकता है। साथ ही, पीड़ित परिवार को क्रूरता के अनुरूप उचित और सम्मानजनक मुआवजा देने की मांग की गई है।
गौरतलब है कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज में 9 अगस्त को एक महिला ट्रेनी डॉक्टर की रहस्यमय परिस्थितियों में लाश मिली थी। महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म किया गया था और उसकी हत्या कर दी गई थी। वह अस्पताल में स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की मेडिकल छात्रा थी और हाउस स्टाफ के रूप में भी काम कर रही थी।


