नई दिल्ली । गाय या भैंस के ब्याने के बाद मिलने वाली खीस को बेहद लाभकारी माना जाता है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों ही इसे स्वास्थ्य के लिए विशेष आहार बताते हैं। खीस, जिसे कोलेस्ट्रम भी कहा जाता है, गाय या भैंस के पहले दूध से प्राप्त होती है। आमतौर पर लोग इसके महत्व से अनजान रहते हैं और इसे सामान्य दूध जैसा ही समझ लेते हैं, जबकि पोषण के लिहाज से यह साधारण दूध से कहीं अधिक शक्तिशाली होती है। इसमें सामान्य दूध की तुलना में कई गुना ज्यादा प्रोटीन, विटामिन A और एंटीबॉडी मौजूद होते हैं।
यही वजह है कि खीस को कमजोर पाचन, कम इम्युनिटी और शरीर में पोषक तत्वों की कमी को दूर करने में बेहद असरदार माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, खीस में सामान्य दूध से लगभग 4 से 5 गुना अधिक प्रोटीन और 10 से 15 गुना ज्यादा विटामिन ए पाया जाता है। इसके अलावा इसमें लेक्टोफेरिन जैसे तत्व होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। खीस में मौजूद एंटीबॉडी शरीर को बैक्टीरिया और वायरस से लड़ने की ताकत देती हैं, जिससे संक्रमण का खतरा कम होता है। यही कारण है कि इसे पाचन सुधारने के साथ-साथ दस्त जैसी पुरानी समस्याओं में भी फायदेमंद माना जाता है। पाचन के अलावा खीस का असर मेटाबॉलिज्म पर भी पड़ता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व आंतों की कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं, जिससे भोजन सही तरीके से पचता है और शरीर को ऊर्जा मिलती है।
कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि खीस रक्त में इंसुलिन के स्तर को संतुलित करने में मदद कर सकती है, इसलिए सीमित मात्रा में इसका सेवन मधुमेह के मरीजों के लिए भी लाभकारी माना जाता है, बशर्ते इसमें चीनी या मीठा न मिलाया जाए। खीस को बनाना भी बेहद आसान है। गाय या भैंस के पहले दूध को धीमी आंच पर पकाया जाता है। उबाल आने पर यह पनीर की तरह दानेदार हो जाती है। स्वाद के लिए इसमें गुड़ या थोड़ी चीनी मिलाई जा सकती है, जबकि डायबिटीज के मरीज इसे बिना मिठास के ही लें। इलायची पाउडर डालने से इसका स्वाद और खुशबू दोनों बढ़ जाते हैं। इसे हल्का गर्म या ठंडा करके खाया जा सकता है। हालांकि खीस बेहद पौष्टिक है, लेकिन कुछ लोगों को इसके सेवन में सावधानी बरतनी चाहिए। लैक्टोज इन्टॉलरेंस, दूध या डेयरी से एलर्जी वाले लोगों को इससे परहेज करना चाहिए।
छोटे बच्चों और शिशुओं को खीस देने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है। संतुलित मात्रा में और सही तरीके से ली गई खीस पाचन सुधारने, इम्युनिटी बढ़ाने और शरीर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकती है। बता दें कि आज की तेज रफ्तार जिंदगी में गलत खान-पान और असंतुलित आहार के कारण पाचन तंत्र कमजोर होना आम समस्या बन गई है। पेट ठीक से काम न करे तो शरीर को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता और इसका असर इम्युनिटी, ऊर्जा स्तर और समग्र सेहत पर पड़ता है।
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