महिला यात्रियों में बढ़ेगा आत्मविश्वास, प्रबंध निदेशक ने बताया गर्व का पल
हैदराबाद । तेलंगाना में ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए रोजगार के दरवाजे अब खुलने लगे हैं। अब कई क्षेत्रों में उन्हें जिम्मेदार और उच्चस्तरीय काम करने के अवसर मिल रहे हैं। वहीं समाज भी अब अपनी पुरानी सोच बदल रहा है। यह बदलाव सिर्फ नौकरी पाने का नहीं, बल्कि उनके लंबे संघर्ष का नतीजा है। हैदराबाद मेट्रो रेल लिमिटेड ने अपनी फ्रंटलाइन सुरक्षा सेवाओं में 20 ट्रांसजेंडर कर्मियों की नियुक्ति का ऐलान किया है। यह कदम लोगों को सशक्त बनाने और यात्रियों की सुरक्षा तय करने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।
तेलंगाना में मेट्रो देश की सबसे बड़ी और आधुनिक मेट्रो में से एक है। इसमें तीन कॉरिडोर, 57 स्टेशन और और रोजाना करीब 5 लाख यात्रियों को सेवा देती हैं। इनमें करीब 30 फीसदी महिलाएं हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और आत्मविश्वास हमेशा सबसे ऊपर है। इन ट्रांसजेंडर कर्मचारियों की मौजूदगी से महिला यात्रियों को और भी ज्यादा सुरक्षित और सहज महसूस होगा। यह पहल तेलंगाना सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसमें ट्रांसजेंडर समुदाय को बराबरी का हक और सम्मानजनक रोजगार दिया जा रहा है।
पिछले साल से ही सरकार उन्हें ट्रैफिक मार्शल जैसे पदों पर नियुक्त कर रही है। मेट्रो के प्रबंध निदेशक सरफराज अहमद ने इसे गर्व का पल बताया और कहा कि इन 20 प्रशिक्षित ट्रांसजेंडर कर्मचारियों का हमारे परिवार में शामिल होना बहुत बड़ी बात है। यह कदम सिर्फ सुरक्षा को मजबूत नहीं करता, बल्कि यह योजना लोगों को मजबूत बनाती है और सभी को समाज में बराबरी से जोड़ती है। उन्होंने कहा कि यह तेलंगाना सरकार की सोच को साकार करती है। ये महिला यात्रियों को भरोसा देंगी और हर नागरिक को सम्मान व आत्मविश्वास के साथ यात्रा करने का माहौल बनाएंगी। सोमवार से 20 ट्रांसजेंडर कर्मचारियों ने चुनिंदा मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों में अपनी ड्यूटी शुरू कर दी है। इन्होंने कड़ा सुरक्षा प्रशिक्षण पूरा किया है और अब ये फ्रंटलाइन पर तैनात हैं।


