संताल एक्सप्रेस संवाददाता
देवघर । एक महीने तक चले राजकीय श्रावणी मेला, 2024 के सफल संचालन पश्चात आज समापन हो गया। पांचवी और आखरी सोमवारी को डीसी विशाल सागर द्वारा बाबा बैद्यनाथ की विशेष पूजा के साथ ही अर्घा हटा दिया गया और स्पर्श पूजा शुरू हो गई। श्रावण पूर्णिमा के दिन परंपरानुसार सुबह सरकारी पूजा के समय बाबा बैद्यनाथ के शिवलिंग पर रक्षा सूत्र चढ़ाकर रक्षाबंधन की शुरुआत की। राजकीय श्रावणी मेला, 2024 के पांचवी और अंतिम सोमवारी के दिन जलार्पण करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 70,110 है। साथ ही बाह्य अर्घा के माध्यम से 08,215 आंतरिक अर्घा से 61,895 श्रद्धालुओं ने जलार्पण किया। सावन की पांचवीं सोमवारी और सावन माह का अंतिम दिन सोमवार और रक्षा बंधन होने के कारण आज अहले सुबह से ही बाबानगरी देवघर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ का पूजा-अर्चना और जलार्पण करते दिखाई दे रहे हैं। खास बात यह है कि देवघर में सबसे पहले पवित्र ज्योतिर्लिंग को रक्षा सूत्र अर्पित करने के बाद ही रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाता है जो सदियों से चली आ रही है। सोमवार, श्रावण पूर्णिमा और रक्षा बंधन के अवसर पर आज सवेरे से ही बाबा का जलाभिषेक करने और पवित्र द्वादश ज्योतिर्लिंग पर रक्षा सूत्र अर्पित करने के लिए श्रद्धालुओं की अपार भीड़ जुटी है। खास कर महिलायें आज बड़ी संख्या में बाबा का जलार्पण करने मंदिर पहुंची है। बाबा को रक्षा सूत्र अर्पित करने की पुरानी परंपरा रही है. सोमवार होने के कारण देर रात से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर से लगभग 5 किलोमीटर दूर लग गई थी. आज सुबह 4 बजकर 30 मिनट में मंदिर का पट खुलते ही जलापर्ण शुरू हुआ. सुबह में सरकारी पूजा के दौरान तीर्थ पुरोहित ने बाबा बैद्यनाथ पर रक्षा सूत चढ़ाया गया. इसके बाद बाबा पर रक्षा सूत्र और जलार्पण करने के लिए श्रद्धालु की भीड़ उमड़ पड़ी. सभी श्रद्धालु रक्षा सूत्र या राखी बाबा पर अर्पित कर अपना और अपने परिवार की रक्षा की मनोकामना मांगते दिखाई दे रहे हैं। सबेरे से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी है। सोमवार होने के कारण महिलाओं की भी काफी भीड़ उमड़ी है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन द्वारा पूरी व्यवस्था की गयी है। इसके लिए मंदिर सहित पूरे मेला क्षेत्र में अतिरिक्त बल की तैनाती की गयी है. खुद जिला डीसी विशाल सागर ने मंदिर सहित पूरे मेला क्षेत्र की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।


