◆जिस कॉलेज में संताली की पढ़ाई,उसमें भी शिक्षकों की भारी कमी
◆छात्रों ने स्पीकर को सौंपा ज्ञापन, सभी कॉलेजों में संताली की पढ़ाई और छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की नियुक्ति की मांग
◆7 स्थायी और 11 आवश्यकता आधारित शिक्षकों के सहारे करीब 5400 छात्र कर रहे पढ़ाई
विशेष संवाददाता
दुमका । संताल परगना क्षेत्र में उच्च शिक्षा की स्थिति को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले कॉलेजों में संताली विषय के शिक्षकों की भारी कमी को लेकर छात्रों ने आवाज बुलंद की है। इस संबंध में स्नातकोत्तर संताली विभाग के छात्रों ने विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो को ज्ञापन सौंपकर जल्द नियुक्ति और पढ़ाई शुरू कराने की मांग की है।स्पीकर श्री महतो एसकेएमयू के संताली विभाग में आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लेने दुमका आए हैं।छात्रों ने उन्हें बताया कि संताल परगना आदिवासी बहुल क्षेत्र है, जहां उच्च शिक्षा के लिए यह विश्वविद्यालय ही प्रमुख संस्थान है। बावजूद इसके, अधिकांश कॉलेजों में संताली विषय की पढ़ाई शुरू ही नहीं हुई है, जबकि जहां पढ़ाई हो भी रही है, वहां शिक्षकों की संख्या बेहद कम है।
छात्रों ने बताया कि विश्वविद्यालय अंतर्गत कुल 28 कॉलेजों में से कई संस्थानों में संताली विषय उपलब्ध ही नहीं है। वहीं, कुछ कॉलेजों में नाममात्र के शिक्षक के भरोसे सैकड़ों छात्रों की पढ़ाई चल रही है। आंकड़ों के मुताबिक, केवल 7 स्थायी और 11 आवश्यकता आधारित शिक्षकों के सहारे करीब 5400 छात्र पढ़ाई कर रहे हैं। देवघर, पाकुड़, साहिबगंज और दुमका जिले के कई कॉलेजों—जैसे ए.एस. कॉलेज, देवघर कॉलेज, मिल्लत कॉलेज और विभिन्न मॉडल कॉलेजों में संताली विषय की पढ़ाई शुरू ही नहीं हो सकी है।
संताल परगना कॉलेज, दुमका, साहिबगंज कॉलेज और गोड्डा कॉलेज जैसे संस्थानों में संताली विषय पढ़ाया तो जा रहा है, लेकिन शिक्षकों की भारी कमी के कारण छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिल पा रही है।छात्रों ने मांग की है कि सभी कॉलेजों में संताली विषय की पढ़ाई शुरू की जाए,छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की शीघ्र नियुक्ति हो।विश्वविद्यालय स्तर पर स्थायी पदों का सृजन किया जाए।स्पीकर श्री महतो ने छात्रों को सकारात्मक आश्वासन दिया है।


