दुमका: भारतीय जनता पार्टी के मीडिया प्रभारी पिंटू अग्रवाल ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के पारित न होने पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और संसदीय इतिहास के लिए एक ‘काला अध्याय’ करार देते हुए कहा कि यह केवल एक विधेयक का गिरना नहीं है, बल्कि देश की आधी आबादी के उस विश्वास का टूटना है, जिसे उन्होंने एक समान और सशक्त भविष्य के लिए संजोया था।
पिंटू अग्रवाल ने कहा कि महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले संविधान 131वां संशोधन विधेयक-2026 का पारित न हो पाना करोड़ों माताओं, बहनों और बेटियों की आशाओं पर एक सीधा आघात है। महिलाएं दशकों से राजनीति और नीति-निर्माण में अपनी उचित भागीदारी का इंतजार कर रही थीं, लेकिन विपक्ष के अड़ियल रुख ने इस ऐतिहासिक अवसर को छीन लिया।
भाजपा मीडिया प्रभारी ने विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि कांग्रेस, टीएमसी, डीएमके और सपा जैसे दलों द्वारा इस विधेयक का विरोध करना और इसकी असफलता पर खुशी मनाना उनकी महिला विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने चेताया कि देश की नारी शक्ति इस अपमान को भूलेगी नहीं और 2029 के आम चुनाव में अपने वोटों के जरिए इन दलों को कड़ा सबक सिखाएगी। अग्रवाल ने दोहराया कि भाजपा महिलाओं के हक की लड़ाई जारी रखेगी और उन्हें उनका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए संकल्पित है।
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