संताल एक्सप्रेस संवाददाता
बरहरवा- रेलवे सुरक्षा बल बरहरवा द्वारा चलाए जा रहे सतर्कता अभियान के दौरान बुधवार को तीन नाबालिग बालकों को बरहरवा रेलवे स्टेशन से सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. सभी बच्चे अपने घर से बिना अभिभावकों को बताए दिल्ली मजदूरी करने के उद्देश्य से निकले थे.प्राप्त जानकारी के अनुसार 24 जून को आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार के नेतृत्व में कांस्टेबल मृत्युंजय कुमार के साथ बरहरवा रेलवे स्टेशन पर असामाजिक तत्वों, यात्री अपराधों एवं अन्य अपराधिक गतिविधियों की रोकथाम के लिए सुबह 5:05 बजे से विशेष चेकिंग एवं गश्ती अभियान चलाया जा रहा था.
चेकिंग के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-1 के न्यू फरक्का छोर स्थित द्वितीय यात्री शेड के पास तीन नाबालिग बालक संदिग्ध अवस्था में अकेले घूमते हुए पाए गए. आरपीएफ जवानों ने उन्हें रोककर पूछताछ की. पूछताछ में बालकों ने अपना नाम कैलाश पहाड़िया उम्र 14 वर्ष, मोतीलाल पहाड़िया उम्र 15 वर्ष एवं जमला पहाड़िया उम्र 14 वर्ष बताया. तीनों गोड्डा जिले के रहने वाले हैं.विस्तृत पूछताछ में बच्चों ने बताया कि वे अपने अभिभावकों को बिना सूचना दिए घर से निकल आए थे और दिल्ली जाकर गन्ने के खेतों में मजदूरी करने की योजना बना रहे थे. इसी उद्देश्य से वे बरहरवा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे.बालकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आरपीएफ ने तत्काल उन्हें रेस्क्यू कर आरपीएफ पोस्ट बरहरवा लाया और मामले की सूचना बाल कल्याण से जुड़ी संस्था मंथन राजमहल साहिबगंज को दी. सूचना मिलने पर संस्था की प्रतिनिधि अनाशु मलाकर आरपीएफ पोस्ट पहुंचीं और बच्चों की काउंसलिंग की.
इसके बाद सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और औपचारिकताओं को पूरा करते हुए तीनों नाबालिगों को उनके संरक्षण, देखभाल एवं आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मंथन राजमहल साहिबगंज के सुपुर्द कर दिया गया.आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि बच्चों को बाल श्रम, मानव तस्करी एवं अन्य संभावित खतरों से बचाने के लिए रेलवे स्टेशनों पर लगातार निगरानी और विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं. समय रहते की गई इस कार्रवाई से तीन नाबालिगों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान किया जा सका.


