मुंबई । देश के बैंकिंग, वित्तीय सेवा और बीमा (बीएफएसआई) क्षेत्र में आने वाले वर्षों में मजबूत वृद्धि की उम्मीद है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 तक नियुक्तियों में 8.7 प्रतिशत और 2030 तक 10 प्रतिशत तक की वृद्धि हो सकती है, जिससे लगभग 2.5 लाख स्थायी नौकरियां उत्पन्न होंगी। यह वृद्धि खासतौर पर छोटे और मझोले शहरों में बढ़ती मांग के कारण हो रही है, जो परंपरागत रूप से महानगरों पर केंद्रित भर्ती प्रक्रिया में बदलाव का संकेत देती है। कार्यबल समाधान प्रदाता एडेको इंडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएफएसआई क्षेत्र में अब लगभग 48 प्रतिशत नई नौकरियां छोटे शहरों में पैदा हो रही हैं। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 की पहली छमाही में भर्ती 27 प्रतिशत बढ़ी है, खासकर उन उम्मीदवारों के लिए जो स्थानीय भाषा में दक्ष और बिक्री अनुभव रखते हैं। ऐसे उम्मीदवारों को चयन के मौके 2.5 गुना अधिक और वेतन 10-15 प्रतिशत तक ज्यादा मिल सकता है। बैंकों ने इस साल बिक्री अधिकारी, डिजिटल उत्पाद प्रबंधक और ऋण जोखिम विश्लेषक जैसी भूमिकाओं में भर्ती बढ़ा दी है। वहीं, वित्त एवं बीमा कंपनियां वित्तीय योजनाकार, निवेश सलाहकार, डिजिटल अंडरराइटर और दावा स्वचालन विशेषज्ञों की मांग तेजी से कर रही हैं। इंदौर, कोयम्बटूर, नागपुर और गुवाहाटी जैसे छोटे शहरों में नियुक्तियों में 15-18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि सूरत, जयपुर, लखनऊ और भुवनेश्वर में यह वृद्धि 11-13 प्रतिशत के बीच रही। एडेको इंडिया के निदेशक कार्तिकेयन केसवन के अनुसार, बीएफएसआई क्षेत्र में डिजिटल निवेशकों के बढ़ने और छोटे शहरों की ओर झुकाव के कारण नियुक्ति का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। म्यूचुअल फंड और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनियां इस वृद्धि की अगुआई कर रही हैं। यह बदलाव बीएफएसआई क्षेत्र में करियर बनाने वालों के लिए नए अवसर लेकर आया है।


