अयोध्या । अगर आप प्रभु राम की नगरी अयोध्या में अपना आशियाना बनाना चाहते हैं या फिर जमीन खरीदने की सोच रहे हैं, तब आपको सावधान होने की जरूरत है। दरअसल अयोध्या में बड़े पैमाने पर जमीनों की खरीद फरोख्त फर्जी तरीके से हो रही है। जिसके शिकार अयोध्या के बाहर के लोग हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में अब 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के साथ-साथ माझा जमथरा (बांध) की जमीनों पर अब कोई भी क्रय-विक्रय नहीं कर सकता।
ग्राम माझा जमथरा, राम की पैड़ी और श्री राम जन्मभूमि मंदिर के निकट स्थित है। अयोध्या महायोजना-2031 के अनुसार, इस क्षेत्र का भू-उपयोग पार्क और खुले स्थल के रूप में निर्धारित है। इसका मतलब है कि चौदहकोसी, पंचकोसी, और बंधा मार्ग के बीच स्थित ग्राम माझा जमथरा की भूमि पर पार्क, खेल का मैदान, खेल प्रशिक्षण केंद्र, खेल परिसर, कारवां पार्क, पिकनिक स्पॉट आदि के लिए ही मानचित्र स्वीकृत किए जाएंगे। भवन निर्माण और विकास उपविधि के अनुसार, पार्क और खुले स्थल के भू-उपयोग के लिए 2.5 प्रतिशत भू-आच्छादन और एफएआर 0.025 के मानक लागू हैं। इस क्षेत्र में किसी भी कारोबारी गतिविधि जैसे मॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल, टाउनशिप आदि के मानचित्र स्वीकृत नहीं किए जाएंगे। यह जानकारी अयोध्या विकास प्राधिकरण के सचिव सत्येंद्र सिंह ने दी है।
सिंह ने बताया कि ग्राम माझा जमथरा में भारतीय मंदिर वास्तुकला संग्रहालय की स्थापना प्रस्तावित है। इस संग्रहालय का निर्माण माझा जमथरा की गाटा संख्या 57 मि. से नजूल भूमि पर किया जाएगा, इस पर्यटन विभाग को आवंटित किया गया है। संग्रहालय के निर्माण के लिए माझा जमथरा की 55 एकड़ भूमि, जिसका स्वामित्व नजूल विभाग के पास है, के भू-उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया वर्तमान में चल रही है।
विकास प्राधिकरण के सचिव सिंह ने बताया कि 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के अलावा जो बंधा का क्षेत्र है, वह माझा जमथरा का हिस्सा है और यह स्थान केवल पार्क और खुले क्षेत्र के लिए तय है। इस स्थल पर 50 एकड़ की जमीन पर टेंपल म्यूजियम बनेगा। साथ ही, माझा जमथरा और 14 और पंचकोसी परिक्रमा मार्ग के आसपास के क्षेत्र में किसी भी तरह की खरीद-फरोख्त नहीं हो सकती है।


